Buxar Worker Death In Hyderabad : बक्सर जिले के राजपुर प्रखंड के मंगराव गांव निवासी 55 वर्षीय मजदूर सचिदानंद राम की हैदराबाद में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. इस खबर के गांव पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया और पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई. परिवार के मुखिया की अचानक मौत से घर पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है.
जानकारी के अनुसार, सचिदानंद राम पिछले कुछ महीनों से अपने परिवार के भरण-पोषण के लिए हैदराबाद में रहकर मजदूरी कर रहे थे. वे अपने अन्य साथियों के साथ स्थानीय किसानों के खेतों में दिहाड़ी पर काम करते थे. शुक्रवार को भी वे रोज की तरह काम पर गए थे, लेकिन काम के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई.
Buxar News: अस्पताल पहुंचते ही तोड़ दिया दम
साथ में काम कर रहे मजदूरों ने बिना देर किए उन्हें नजदीकी अस्पताल पहुंचाया. हालांकि, वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया. इस अचानक हुई मौत ने साथियों को भी स्तब्ध कर दिया.
परिवार का रो-रोकर बुरा हाल
मौत की खबर जैसे ही गांव पहुंची, परिजनों में चीख-पुकार मच गई. उनकी पत्नी उर्मिला देवी का रो-रोकर बुरा हाल है. पुत्र रवि कुमार और प्रिंस कुमार सहित बेटियां प्रियंका और रिंकी कुमारी भी सदमे में हैं. घर के एकमात्र कमाने वाले सदस्य के चले जाने से परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है.
Rajpur labor death Hyderabad : ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने जताया शोक
इस दुखद घटना पर गांव के लोगों और समाजसेवियों ने गहरा शोक व्यक्त किया है. समाजसेवी भरत राम, राजेंद्र राम, सत्येंद्र राम, पूर्व मुखिया मकरध्वज सिंह विद्रोही और मुंशी प्रसाद भारती ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया. साथ ही सरकार और प्रशासन से परिवार को उचित मुआवजा और सहायता देने की मांग की.
शव के आने का इंतजार फिलहाल गांव में सभी लोग हैदराबाद से शव के वापस आने का इंतजार कर रहे हैं. परिजनों की आंखें अपनों के अंतिम दर्शन के लिए टिकी हुई हैं.
इस घटना ने एक बार फिर बाहर जाकर काम करने वाले मजदूरों की असुरक्षा और कठिन परिस्थितियों को उजागर कर दिया है. स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता और सरकारी योजनाओं का लाभ जल्द से जल्द दिया जाए, ताकि इस मुश्किल घड़ी में उन्हें सहारा मिल सके.
