चक्रवाती वर्षा से धान की फसल को नुकसान, रबी की खेती हो सकती है प्रभावित
प्रखंड क्षेत्र में चक्रवाती तूफान मोंथा किसानों पर कहर बनकर टूट गया है. जिससे किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया है.
By AMLESH PRASAD | Updated at :
राजपुर. प्रखंड क्षेत्र में चक्रवाती तूफान मोंथा किसानों पर कहर बनकर टूट गया है. जिससे किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया है. चक्रवाती तूफान मोंथा की वजह से हजारों किसानों की कमर टूट गयी है. जिन्होंने बेहतर आमदनी की उम्मीद लगाई थी अब वह मायूस हो गये है. मोंथा चक्रवाती तूफान के चलते बीते तीन दिनों से बदले मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. खेतों में लगी धान की फसल हवा से गिर गयी है. करीब 20 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवा से धान की फसल को अधिक नुकसान हुआ है. शुक्रवार को भी जिले में रुक-रुक कर बारिश होती रही. तीन दिनों में राजपुर में 33.8 एमएम बारिश रिकार्ड की गयी. अधिकतम तापमान चार डिग्री लुढ़क कर 26 डिग्री सेंटीग्रेट पर पहुंच गया है. इससे दिन में ही लोगों को कंपकपी का एहसास हुआ. क्षेत्र में करीब 20 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान की खेती हुई है. जानकारों के अनुसार इनमें से करीब पांच फीसदी क्षेत्रफल में लगी धान की फसल को क्षति हुआ है. मौसम विभाग के अनुसार चक्रवाती तूफान का असर एक नंबर तक प्रभावी रहने की संभावना है. इसके चलते आने वाले दिनों तक तेज हवा के साथ कहीं तेज तो कहीं मध्यम बारिश हो सकती हैं. क्षेत्र के मंगराव के किसान जीउत सिंह, जीबोधन राय संगराव के किसान रिंकू सिंह, विनय पांडेय ,खरगपुरा के किसान चंदन तिवारी, अरबिंद तिवारी सहित अन्य किसानों के अनुसार ज्यादा बारिश हुई तो हाल ही लगे सब्जी की फसल, मटर, चना, सरसों आदि के खराब होने की आशंका बढ़ गयी है. जिन खेतों में पानी भरा है और धान गिर गया है, वह फसल खराब हो जायेगा.
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