बक्सर. शहर की अधिकतर सड़क जर्जर हैं. सड़क में गड्ढे है या गड्ढे में सड़क. यह र्फक करना मुश्किल है. क्षतिग्रस्त सड़क पर पैदल चलना मुश्किल है. जर्जर हो चुकी सड़कों से राहगीरों व स्थानीय लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. बड़े-बड़े गड्ढों में तबदील हो चुकी यह सड़कें वाहनों की दुर्दशा तो कर ही रही हैं, साथ ही लोगों के शरीर व स्वास्थ्य पर भी बुरा असर कर रहीं हैं. इन बदहाल सड़कों पर मोटरसाइकिल दौड़ाने वालों में कमर दर्द की बीमारी जन्म लेने लगी है. साथ ही सड़कों पर उखड़ी पड़ी गिट्टियां बड़ें वाहनों के पहियों के दबाव से उछलकर लोगों को घायल कर रही हैं. वहीं बड़े-बड़े व गहरे गड्ढों के कारण लोग दुर्घटनाओं का भी शिकार बन रहे हैं. आंबेडकर चौक के पास बीच सड़क में उभरे आये गड्ढे के कारण हमेशा दुर्घटना होने की संभावना बना रहता है़ वहीं ज्योति चौक और पुलिस लाइन के बीच में भी कई जगहों पर उभरे गड्ढे के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है़ ज्योति प्रकाश चौक समेत जेल पइन रोड में बक्सर चौसा मोड़, धोबीधाट पुल के समीप पर उभरे गड्ढे की वजह से लोग आए दिन दुर्घटना के शिकार हो रहे हैं.
कटहिया पुल से नाथबाबा मंदिर जाने वाली सड़क भी जर्जरनगर परिषद क्षेत्र अंतर्गत ज्योति प्रकाश चौक स्थित कटहिया पुल से नाथ बाबा मंदिर जाने वाली नहर की सड़क भी जर्जर है. जबकि धोबीघाट से होकर जाने वाली नहर मार्ग पर वाहनों का काफी दबाव है. जबकि यह भी शहर का प्रमुख मार्ग है. मगर जर्जर सड़क जनप्रतिनिधियों से लेकर शासन-प्रशासन की ध्यान नही हैं. जबकि ज्योति प्रकाश चौक से नाथ बाबा जाने के लिए यह सुमग मार्ग है. ऐसे में जल्दी पहुंचने के लिए लोग इस रास्ते का उपयोग करते हैं. बावजूद यह सड़क जर्जर है.
कई सड़कें बनने के कुछ समय बाद ही टूटीं : नगर की कई सड़कें इन दिनों काफी खराब स्थिति में है. इनमें तो कई सड़कें बनने के साथ ही खराब हो गयी. हालांकि इनकी जांच भी नहीं हो पायी. विभागीय स्तर पर ये भ्रष्टाचार की शिकार हो गयीं. बहरहाल, हम यहां करीब एक किलोमीटर में तीन सड़कों की चर्चा कर रहे हैं, जो अलग-अलग समय में बनी हुई हैं. इनमें से जो सबसे पुरानी सड़क है, वह अब तक नहीं टूटी है. जबकि इसी मार्ग की अन्य दो सड़कों में एक तो काफी जर्जर है और दूसरी टूट रही है. इसमें भी कई जगहों पर गड्ढे ऊभर आये हैं. यह सड़क ज्योति प्रकाश चौक से लेकर हनुमान फाटक तक की है. इसमें जंगलराज और मंगलराज के काल की सड़कें हैं पर आश्चर्य यह कि जंगलराज की सड़क आज भी टीकी हुई है जबकि मंगलराज की सड़क टूट कर गड्ढे में तब्दील हो गयी है.
नगर की कई सड़कें इन दिनों काफी खराब स्थिति में है. इनमें तो कई सड़कें बनने के साथ ही खराब हो गयी. हालांकि इनकी जांच भी नहीं हो पायी. विभागीय स्तर पर ये भ्रष्टाचार की शिकार हो गयीं. बहरहाल, हम यहां करीब एक किलोमीटर में तीन सड़कों की चर्चा कर रहे हैं, जो अलग-अलग समय में बनी हुई हैं. इनमें से जो सबसे पुरानी सड़क है, वह अब तक नहीं टूटी है. जबकि इसी मार्ग की अन्य दो सड़कों में एक तो काफी जर्जर है और दूसरी टूट रही है. इसमें भी कई जगहों पर गड्ढे ऊभर आये हैं. यह सड़क ज्योति प्रकाश चौक से लेकर हनुमान फाटक तक की है. इसमें जंगलराज और मंगलराज के काल की सड़कें हैं पर आश्चर्य यह कि जंगलराज की सड़क आज भी टीकी हुई है जबकि मंगलराज की सड़क टूट कर गड्ढे में तब्दील हो गयी है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
