बक्सर: मनरेगा की जगह अब VB-G RAM-G Act, हर ग्रामीण परिवार को मिलेगा 125 दिन रोजगार, मजदूरी 300 रुपये

बक्सर में आयोजित पंच सम्मेलन में विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन-ग्रामीण के प्रावधानों और 125 दिनों के रोजगार की जानकारी दी गई।

Buxar News : ग्रामीण विकास विभाग, बिहार, पटना के निर्देश के आलोक में शनिवार को जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र, बक्सर में पंच सम्मेलन का आयोजन किया गया. उप विकास आयुक्त निहारिका छवि की अध्यक्षता में आयोजित सम्मेलन में जनप्रतिनिधियों और संबंधित कर्मियों को विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन-ग्रामीण अधिनियम 2025 यानी VB-G RAM-G Act के प्रावधानों की जानकारी दी गयी. सम्मेलन में बताया गया कि यह नया कानून वर्तमान में संचालित महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना का स्थान लेगा और एक जुलाई 2026 से प्रभावी हो चुका है.

हर पात्र ग्रामीण परिवार को 125 दिन रोजगार की गारंटी

सम्मेलन में बताया गया कि नयी योजना के तहत प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार को एक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के रोजगार की वैधानिक गारंटी दी गयी है. योजना का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराने के साथ गांवों में स्थायी परिसंपत्तियों और आधारभूत संरचनाओं का विकास करना है.

जल सुरक्षा और ग्रामीण आधारभूत संरचना पर रहेगा फोकस

VB-G RAM-G Act के तहत जल सुरक्षा, मुख्य ग्रामीण आधारभूत संरचना, आजीविका से जुड़ी आधारभूत संरचना और मौसम संबंधी आपदाओं से निपटने वाले कार्यों को प्राथमिकता दी जायेगी. जल सुरक्षा, ग्रामीण आधारभूत संरचना, आजीविका और सामुदायिक संपत्तियों से जुड़े कार्यों को योजना में प्रमुख स्थान दिया गया है.

काम नहीं मिला तो मिलेगा बेरोजगारी भत्ता

सम्मेलन में बताया गया कि योजना के तहत रोजगार की मांग करने के बाद 15 दिनों के भीतर काम उपलब्ध नहीं कराया गया तो संबंधित पात्र व्यक्ति को बेरोजगारी भत्ता देने का प्रावधान है. इससे ग्रामीण परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराने की जवाबदेही तय होगी.

फिलहाल 300 रुपये प्रतिदिन मजदूरी

अधिकारियों ने बताया कि केंद्र सरकार मजदूरी की दर अधिसूचित करेगी. वर्तमान में प्रति श्रमिक 300 रुपये प्रतिदिन की दर लागू होने की जानकारी दी गयी. योजना के तहत निर्धारित कार्यों में ग्रामीण श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराया जायेगा.

केंद्र और राज्य की हिस्सेदारी 60:40

यह केंद्र प्रायोजित योजना होगी, जिसमें केंद्र और राज्य सरकार की हिस्सेदारी 60:40 होगी. केंद्र सरकार वस्तुनिष्ठ मानदंडों के आधार पर राज्यवार मानक आवंटन तय करेगी. निर्धारित आवंटन से अधिक होने वाले अतिरिक्त व्यय का भार राज्य सरकार को वहन करना होगा.

कन्वर्जेंस से गांवों के विकास को मिलेगी गति

सम्मेलन में योजना के तहत कन्वर्जेंस के माध्यम से ग्रामीण विकास को गति देने पर जोर दिया गया. अलग-अलग विभागों और योजनाओं के संसाधनों को आपस में जोड़कर ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के साथ टिकाऊ आधारभूत संरचनाओं के निर्माण पर ध्यान दिया जायेगा.

विकसित भारत 2047 के लक्ष्य से जोड़ा गया ग्रामीण रोजगार

अधिकारियों ने बताया कि नया कानून ग्रामीण रोजगार को विकसित भारत 2047 के दीर्घकालिक लक्ष्यों से जोड़ता है. इसका उद्देश्य रोजगार उपलब्ध कराने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में जल सुरक्षा, आधारभूत संरचना और आजीविका के स्थायी साधनों को मजबूत करना है.


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By Prabhat khabar news desk

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