buxar news : गेहूं के अनुदानित बीज का 25 प्रतिशत अंकुरण होने से चिंता में डूबे किसान

buxar news : पीड़ित किसानों ने डीएम को आवेदन देकर क्षतिपूर्ति की लगायी गुहार

buxar news : डुमरांव. डुमरांव प्रखंड कृषि कार्यालय में अनुदानित बीज वितरण अब किसानों के लिए राहत नहीं, बल्कि नयी आफत बनकर सामने आया है. गेहूं के प्रभेद एचडी 2967 के नाम पर किसानों को ऐसा बीज थमा दिया गया, जिसका अंकुरण महज 25 प्रतिशत से भी कम रहा. हैरानी की बात यह है कि यह बीज बिना किसी प्रमाणन के ही किसानों के बीच बांट दिया गया. इस घटिया बीज वितरण ने पहले से ही प्राकृतिक आपदा से जूझ रहे किसानों की कमर तोड़ दी है. एक ओर तूफान से धान की फसल बर्बाद, तो दूसरी ओर कृषि विभाग की ‘कृपा’ से गेहूं की बोआई भी चौपट हो गयी. लोक कल्याणकारी मंच के संयोजक डॉ सुधीर कुमार सिंह ने इस पूरे मामले को कृषि विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत और कमीशनखोरी का नतीजा बताया है. उन्होंने कहा कि किसानों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर कुछ अधिकारियों ने अपनी जेबें भरने का काम किया है. डॉ सिंह ने बताया कि इस मामले की टेलिफोनिक शिकायत जिला कृषि पदाधिकारी, बक्सर को दी थी. डीएओ ने जांच के लिए कमेटी गठन की बात तो स्वीकार की, लेकिन जमीन पर अब तक कोई कार्रवाई या नतीजा नजर नहीं आ रहा. न्याय न मिलने से आहत होकर डुमरांव प्रखंड के सोवां गांव के दर्जनों भुक्तभोगी किसानों ने जिलाधिकारी को लिखित आवेदन देकर क्षतिपूर्ति राशि, फसल नुकसान का मुआवजा और दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है. मांग करने वालों में प्रमुख रूप से हरेंद्र महतो, राजकिशोर यादव, रामलाल महतो, धनजी पासवान, विकास कुमार मेहता, विनोद यादव, आकाश कुमार, शिवकुमार यादव, ओम प्रकाश महतो, राम अवध महतो, रामपुकार सिंह, उपेंद्र कुमार महतो सहित बड़ी संख्या में किसान शामिल हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Shailesh kumar

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >