Buxar News: एक सप्ताह में मात्र 2.50 एमटी हुई है गेहूं की खरीदारी

जिले में सरकारी गेहूं खरीदारी शुरू होने के डेढ़ माह बाद भी गति नहीं पकड़ रही है

बक्सर

. जिले में सरकारी गेहूं खरीदारी शुरू होने के डेढ़ माह बाद भी गति नहीं पकड़ रही है. इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि एक सप्ताह में मात्र 2.250 एमटी गेहूं की खरीदारी हुई है. सहकारिता विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक 13 मई तक 55.90 एमटी गेहूं की खरीदारी हुई हुई थी जो 20 मई तक बढ़कर 58.40 एमटी हुई है. रबी विपणन वर्ष 2025-026 में बक्सर जिला को 6,137 एमटी गेहूं खरीदारी का लक्ष्य मिला है. लेकिन अभी तक गेहूं क्रय का आंकड़ा जिले को मिले लक्ष्य का एक प्रतिशत भी नहीं है.

सहकारिता विभाग द्वारा विकेन्द्रीकृत्त प्रणाली के तहत 1 अप्रैल से गेहूं की खरीदारी शुरू की गई है. इसके लिए जिले में 133 क्रय केंद्र खोले गए हैं. जिनमें 125 पैक्स व 08 व्यापार मंडल शामिल हैं. पंचायत स्तर पर गेहूं खरीद की जिम्मेवारी पैक्सों एवं प्रखंड स्तर पर व्यापार मंडल को मिली है. परंतु इन केन्द्रों पर गेहूं की आमद नहीं होने से विरानगी पसरी है.

व्यापारियों के हाथों बेच रहे किसानगेहूं खरीद योजना के तहत राज्य के किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं का क्रय किया जाना है. केन्द्र सरकार द्वारा चालू रबी विपणन वर्ष के लिए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2425 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है. किसानों की माने तो न्यूनतम समर्थन मूल्य से गेहूं का बाजार मूल्य अधिक है. बाजार मूल्य 2525 से 2550 रुपये प्रति क्विंटल है. इसके कारण व्यापारियों के हाथों गेहूं बेचना किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो रहा है.

766 किसानों का हुआ है रजिस्ट्रेशनगेहूं बेचने के लिए किसानों को विभागीय वेबसाइट पर ऑन लाइन रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होता है. ऐसे में गेहूं बेचने के इच्छुक किसानों को रजिस्ट्रेशन के माध्यम से आवेदन करना जरूरी होता है. क्योंकि वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन कराने वाले किसान ही गेहूं बेचने के हकदार होते हैं. सहकारिता विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक अभी तक कुल 789 किसानों का ऑन लाइन निबंधन हुआ है. जिनमें 634 रैयत व 132 गैर रैयत किसान हैं. इनमें से केवल 46 किसानों से गेहूं की खरीदारी हुई है.

डुमरांव प्रखंड में हुई है सबसे अधिक खरीदारीगेहूं खरीदने में डुमरांव प्रखंड डुमरांव प्रखंड अव्वल है. डुमरांव में 5 कृषकों से 21.100 एमटी क्रय हुआ है. इसी तरह 8 किसानों से 8.800 एमटी गेहूं क्रय कर नावानगर प्रखंड दूसरे तथा 4 किसानों से 4.900 एमटी क्रय कर राजपुर प्रखंड तीसरे पायदान पर है. जबकि चौगाईं प्रखंड में सबसे कम मात्र 01 एमटी गेहूं की खरीदारी हुई है.

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