Buxar News : बक्सर व्यवहार न्यायालय से जुड़े नौ दिवंगत अधिवक्ताओं के जीवन, योगदान और उपलब्धियों पर आधारित विशेष स्मारिका ‘नवरत्न’ का प्रकाशन किया जाएगा. यह स्मारिका बक्सर न्यायालय के लगभग 100 वर्षों के इतिहास से जुड़े प्रतिष्ठित अधिवक्ताओं की स्मृतियों को संजोने का अनूठा प्रयास होगी. इसकी तैयारी व्यापक स्तर पर शुरू कर दी गई है.
100 वर्षों की न्यायिक विरासत को मिलेगा दस्तावेजी स्वरूप
वरीय अधिवक्ता एवं स्मारिका के संपादक रामेश्वर प्रसाद वर्मा ने बताया कि पहली बार बक्सर न्यायालय से जुड़े नौ दिवंगत अधिवक्ताओं की जीवनी और उनके न्यायिक योगदान को एक साथ प्रकाशित किया जाएगा. स्मारिका का उद्देश्य नई पीढ़ी के अधिवक्ताओं को वरिष्ठ विधि विशेषज्ञों के संघर्ष, कार्यशैली और उपलब्धियों से परिचित कराना है.
इन दिवंगत अधिवक्ताओं को किया जाएगा समर्पित
स्मारिका ‘नवरत्न’ में दिवंगत अधिवक्ता घनश्याम मिश्र, विजय कुमार वर्मा (झब्बू बाबू), राज नारायण ठाकुर, सच्चिदानंद राय, के.बी. मिश्र, प्रणव कुमार चटर्जी (लट्टू बाबू), दिग्विजय सिंह, प्रेमचंद उपाध्यक्ष और राजेंद्र चौबे की जीवनी एवं उनके उल्लेखनीय योगदान को स्थान दिया जाएगा.
अधिवक्ता ही लिखेंगे संस्मरण और लेख
संपादक रामेश्वर प्रसाद वर्मा ने बताया कि प्रत्येक दिवंगत अधिवक्ता के संबंध में जानकारी संकलित करने की जिम्मेदारी विभिन्न अधिवक्ताओं को सौंपी गई है. उनके द्वारा तैयार किए गए लेख और संस्मरण स्मारिका में प्रकाशित होंगे. उन्होंने कहा कि यह प्रकाशन पूरी तरह वकालत जगत को समर्पित होगा और इसके सभी लेखक भी अधिवक्ता ही होंगे. इससे बक्सर न्यायालय की गौरवशाली परंपरा और विधिक इतिहास को संरक्षित करने में मदद मिलेगी.
