Buxar News : रक्षाबंधन की रात हरनाही रोड स्थित बगीचे से रहस्यमय ढंग से लापता हुए 57 वर्षीय ओकील पासी का शव सोमवार को बगीचे से करीब एक किलोमीटर दूर नदी से बरामद हुआ. शव मिलने के बाद घटना का रहस्य और गहरा गया है. बगीचे में ओकील के कपड़े और चप्पल मिलने के बाद से ही परिजन किसी अनहोनी की आशंका जता रहे थे. हालांकि, पुलिस प्रथम दृष्टया इसे हादसा मानकर जांच कर रही है. मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी.
रात में बगीचे गए, सुबह गायब मिले
ओकील पासी रहथुआ गांव निवासी स्व. हरिलाल पासी के पुत्र थे. वह पिछले करीब तीन वर्षों से अपनी बड़ी बेटी राबड़ी देवी के साथ डुमरांव में रहकर हरनाही रोड स्थित बगीचे की रखवाली करते थे. परिजनों के अनुसार, रक्षाबंधन की रात वह रोज की तरह खाना और कटरा की चाबी लेकर बगीचे में सोने के लिए गए थे. अगले दिन सुबह जब उनकी बेटी बगीचे में पहुंची तो ओकील वहां मौजूद नहीं थे.
कपड़े और चप्पल मिलने से बढ़ी चिंता
बगीचे में ओकील का कुर्ता, पैंट और चप्पल पड़े मिले, जबकि उनके शरीर पर केवल बनियान थी. कपड़े और चप्पल इस तरह पड़े मिलने से परिजन परेशान हो गए. किसी अनहोनी की आशंका को देखते हुए तत्काल पुलिस को सूचना दी गयी. इसके बाद डुमरांव थाना की पुलिस ने परिजनों के साथ मिलकर उनकी तलाश शुरू की.
एक किलोमीटर दूर नदी में मिला शव
लगातार खोजबीन के बाद सोमवार को बगीचे से करीब एक किलोमीटर दूर नदी में ओकील पासी का शव बरामद हुआ. पुलिस ने शव को नदी से बाहर निकलवाया. शव मिलने की जानकारी मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया. परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है.
हादसा या कुछ और, जांच में जुटी पुलिस
परिजनों के अनुसार ओकील पासी का किसी से कोई विवाद या दुश्मनी नहीं थी. ऐसे में बगीचे से कपड़े-चप्पल मिलना और कुछ दूरी पर नदी से शव बरामद होना कई सवाल खड़े कर रहा है. घटना को लेकर स्थानीय स्तर पर तरह-तरह की चर्चाएं भी हो रही हैं. हालांकि, पुलिस अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है और सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है.
डुमरांव थानाध्यक्ष संजय कुमार सिन्हा ने बताया कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है. प्रथम दृष्टया घटना हादसा प्रतीत हो रही है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही ओकील पासी की मौत के वास्तविक कारणों के संबंध में स्पष्ट रूप से कुछ कहा जा सकेगा.
