Buxar News : राजपुर में विधवा व विधुर की शादी बनी मिसाल, बच्चों को मिला पिता का प्यार

राजपुर प्रखंड मुख्यालय स्थित बाबा साहेब डॉ भीमराव आंबेडकर परिसर में भलुहा गांव निवासी दुर्जन राम की विधवा पुत्री रानी कुमारी एवं धनसोई गांव के विधुर पुरुष उमाशंकर राम की शादी लोगों के लिए एक मिसाल बनी है.

राजपुर. प्रखंड मुख्यालय स्थित बाबा साहेब डॉ भीमराव आंबेडकर परिसर में भलुहा गांव निवासी दुर्जन राम की विधवा पुत्री रानी कुमारी एवं धनसोई गांव के विधुर पुरुष उमाशंकर राम की शादी लोगों के लिए एक मिसाल बनी है. इसकी शादी सामाजिक स्तर पर वंश नारायण राम के नेतृत्व में बाबा साेहब डॉ भीमराव आंबेडकर को साक्षी मानकर करायी गयी. समाजसेवी ने बताया कि विगत कई वर्ष पूर्व लड़की की शादी हुई थी. किसी बीमारी से पति की मौत हो गयी. यह दो बच्चों की मां है. बच्चों का भरण-पोषण अपने मायके में रह कर करती है. उमाशंकर राम की भी शादी हुई थी. उनकी पत्नी भी किसी बीमारी से चल बसी. इन दोनों के दांपत्य जीवन में एक बार पुनः खुशी लाने के लिए इन लोगों ने प्रयास किया और अंततः सामाजिक स्तर पर उनकी शादी करायी गयी, जो सामाज के लिए मिसाल है. लोगों ने बताया कि एक तरफ समाज में इस तरह की शादियां नहीं होती हैं. दोनों के घर वालों ने इसे स्वीकार किया जो काफी सराहनीय है. सबसे बड़ी बात है कि जिस युवक की शादी हुई है उसने भी इस महिला के दोनों बच्चों को स्वीकार करते हुए समाज में एक अच्छी मिसाल पेश की है. शादी में कोई लेन-देन भी नहीं हुई. इस मौके पर जीविका कर्मी शोभा देवी, राजकुमारी देवी, माधुरी देवी, समाजसेवी संतोष शर्मा, विंध्याचल राम, बालेश्वर राम, संजय राम के अलावा अन्य लोग मौजूद रहे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >