बक्सर में शिक्षक नेता लालबाबू मिश्रा का निधन, शिक्षा जगत में शोक की लहर, साथियों ने बताया अपूरणीय क्षति

बक्सर के मध्य विद्यालय चुरामनपुर के शिक्षक और शिक्षक नेता लालबाबू मिश्रा का अचानक निधन हो गया है। उनके निधन से पूरे शिक्षा जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। साथियों ने उन्हें शिक्षक हितों के लिए संघर्ष करने वाला एक सच्चा नेता बताया है।

Buxar Teacher Union Leader Death : बक्सर जिले के शिक्षा जगत से एक दुखद खबर सामने आई है, जहां मध्य विद्यालय चुरामनपुर के शिक्षक और शिक्षक नेता लालबाबू मिश्रा का आकस्मिक निधन हो गया. उनके अचानक चले जाने से पूरे जिले के शिक्षकों के बीच गहरी मायूसी छा गई है. जैसे ही यह खबर फैली, शिक्षक समाज स्तब्ध रह गया और हर कोई इस अप्रत्याशित घटना से मर्माहत दिखा. हमेशा मुस्कुराकर मिलने वाले और सहज स्वभाव के लिए पहचाने जाने वाले लालबाबू मिश्रा के यूं अचानक दुनिया से विदा हो जाने पर किसी को विश्वास नहीं हो रहा है.

लालबाबू मिश्रा न सिर्फ एक शिक्षक थे, बल्कि शिक्षक हितों के लिए लगातार आवाज उठाने वाले सक्रिय नेता भी थे. उनके व्यक्तित्व की सबसे बड़ी पहचान उनकी सरलता और मिलनसार स्वभाव था. जो भी उनसे मिलता, वे उसे अपनापन देते और हंसते हुए हालचाल पूछते. यही वजह थी कि वे हर शिक्षक के दिल के करीब थे.

शिक्षक हितों के लिए हमेशा रहे सक्रिय

शिक्षक नेता मुक्तेश्वर प्रसाद ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि लालबाबू मिश्रा एक सुलझे हुए और समर्पित शिक्षक नेता थे. उन्होंने बताया कि जब भी शिक्षकों के हक की बात आती, मिश्रा हमेशा आगे खड़े रहते. चाहे आंदोलन हो या अनशन, वे हर परिस्थिति में साथ निभाते थे. उनके अंदर किसी तरह का छल या कपट नहीं था, वे साफ दिल और सच्चे इंसान थे.

मुक्तेश्वर प्रसाद ने कहा कि लालबाबू मिश्रा का जाना केवल एक व्यक्ति का जाना नहीं है, बल्कि पूरे शिक्षा समाज के लिए बड़ी क्षति है. उनके अनुभव और नेतृत्व की कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी.

Buxar News : सादगी और संघर्ष की मिसाल थे मिश्रा

मध्य विद्यालय तिवारीपुर के प्रधानाध्यापक गिरीश पांडेय ने भी शोक व्यक्त करते हुए कहा कि लालबाबू मिश्रा हमेशा शिक्षकों के लिए सकारात्मक सोच रखते थे. वे दिखावे और चकाचौंध से दूर रहते थे और जमीन से जुड़े मुद्दों पर संघर्ष करने में विश्वास रखते थे. शिक्षकों के शोषण के खिलाफ वे खुलकर आवाज उठाते थे और हर संघर्ष में आगे रहते थे.

उन्होंने कहा कि ऐसे व्यक्तित्व का जाना शिक्षा जगत के लिए गहरी क्षति है, जिसकी भरपाई आसान नहीं है. मिश्रा की सादगी, ईमानदारी और संघर्षशीलता हमेशा याद की जाएगी.

शिक्षकों ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

उनके निधन की खबर के बाद जिले के विभिन्न स्कूलों के शिक्षकों ने शोक सभा आयोजित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी. इस दौरान दो मिनट का मौन रखकर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई. उच्च माध्यमिक विद्यालय नचाप के प्रधानाध्यापक विजय कुमार, अरुण कुमार तिवारी, संजय तिवारी, गौतम राय, नरेंद्र राम, कपिलमुन्नी पासवान, सोनू कुमार यादव, अमित कुमार, शैलेन्द्र कुमार, पवन कुमार सिंह समेत बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे.

इसके अलावा शिक्षक नेता अमितेश कुमार रिंकू, जयकुमार राय, जयप्रकाश सिंह, कमलेश कुमार यादव, संजय कुमार सिंह, जनार्दन सिंह यादव, मिथिलेश कुमार, संतोष कुमार सिंह, अजीत कुमार सिंह, प्रेम कुमार सिंह, अशोक कुमार सिंह, उदय कुमार सिंह, अनीता यादव, नेपाली राय, संजय राम, धनजी सिंह, कुणाल किशोर, अमित कुमार सिन्हा और अन्य शिक्षकों ने भी गहरा शोक व्यक्त किया.

शिक्षा जगत को लगा बड़ा झटका

लालबाबू मिश्रा के निधन से बक्सर के शिक्षा जगत को बड़ा झटका लगा है. उनके साथियों का कहना है कि उन्होंने हमेशा शिक्षकों की आवाज को मजबूती दी और संगठन को एकजुट रखने का काम किया. अब उनके बिना यह जिम्मेदारी और भी चुनौतीपूर्ण हो जाएगी.

शिक्षकों ने कहा कि लालबाबू मिश्रा की कमी कभी पूरी नहीं हो सकेगी. उनके विचार और संघर्ष आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा बने रहेंगे. फिलहाल पूरा शिक्षक समाज इस दुख की घड़ी में एकजुट होकर उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त कर रहा है और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना कर रहा है.


प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Ashutosh Singh

Published by: Ragini Sharma

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >