Buxar News : शहर का इकलौता कवलदह पार्क हर महीने वन विभाग को करीब एक से दो लाख रुपये तक का राजस्व देता है, लेकिन पार्क में आने वाले लोगों की सुरक्षा और मूलभूत सुविधाओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं. पार्क में टहलने और घूमने के लिए आने वाले लोगों से 10 रुपये शुल्क लिया जाता है, जबकि नौका विहार के लिए 30 रुपये का टिकट निर्धारित है. प्रतिदिन सुबह अधिकारियों समेत बड़ी संख्या में लोग स्वास्थ्य लाभ के लिए पार्क में टहलने पहुंचते हैं.
शौचालय की नियमित सफाई नहीं होने से फैल रही दुर्गंध
पार्क में आने वाले लोगों का कहना है कि पार्क के बाहर नगर परिषद की ओर से शौचालय का निर्माण कराया गया है, लेकिन नियमित सफाई नहीं होने के कारण वहां से तेज दुर्गंध आती है. इसका असर पार्क में टहलने और घूमने आने वाले लोगों पर पड़ रहा है. लोगों के अनुसार, दुर्गंध के कारण पार्क के आसपास कुछ देर रुकना भी मुश्किल हो जाता है.
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पार्क के बीच से गुजर रहा 11 हजार वोल्ट का तार
पार्क के बीच से 11 हजार वोल्ट का विद्युत तार गुजर रहा है. बताया जाता है कि यह तार पूर्व में दो बार टूटकर नीचे गिर चुका है. पहली घटना 6 अक्टूबर 2024 और दूसरी 28 जून 2026 को हुई थी. दोनों घटनाओं के दौरान पार्क में अफरातफरी मच गयी थी. लोगों का कहना है कि भीड़भाड़ के समय यदि इस तरह की घटना होती है, तो बड़ी दुर्घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता. इसके बावजूद अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं हुआ है.
तालाब के पानी से भी दुर्गंध की शिकायत
पार्क स्थित तालाब के पानी से भी दुर्गंध आने की शिकायत है. बताया जाता है कि तालाब में मछलियों के मरने और पानी की गुणवत्ता खराब होने के कारण यह समस्या बनी हुई है. वन विभाग की ओर से संबंधित विभागों को कई बार पत्र भेजे जाने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने की बात कही गयी है.
वन विभाग ने संबंधित विभागों को भेजे हैं कई पत्र
वन विभाग के रेंजर सुरेश कुमार ने बताया कि तालाब के पानी की जांच कराने और दुर्गंध दूर करने के लिए मत्स्य विभाग को पत्रांक 487, दिनांक 29 मई 2025 तथा पत्रांक 628, दिनांक 16 अगस्त 2024 के माध्यम से जानकारी दी गयी थी. विभाग से तालाब के पानी में आवश्यक दवा और चूना का छिड़काव कराने का अनुरोध किया गया था, लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं हुई है.
उन्होंने बताया कि पार्क से गुजर रहे विद्युत तार को लेकर विद्युत विभाग को पत्रांक 925, दिनांक 31 जुलाई 2026 के माध्यम से पत्र भेजा गया है, ताकि तार को सुरक्षित तरीके से हटाया या शिफ्ट किया जा सके और किसी अनहोनी की आशंका को समाप्त किया जा सके.
वहीं, शौचालय की सफाई को लेकर नगर परिषद को पत्रांक 629, दिनांक 16 अगस्त 2024 तथा पत्रांक 605, दिनांक 20 मई 2026 को पत्र भेजा गया था. रेंजर ने कहा कि बार-बार पत्राचार के बावजूद संबंधित विभागों की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जा रही है.
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