Buxar News : केसठ प्रखंड के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में टीबी मरीजों के लिए एक सराहनीय पहल शुरू की गई है. राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत चल रहे प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत यहां के स्वास्थ्य कर्मियों ने पांच टीबी मरीजों को गोद लिया है. इन मरीजों को अगले छह माह तक नियमित रूप से पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि उनके स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हो सके और वे जल्द स्वस्थ हो सकें.
इस पहल के जरिए स्वास्थ्य विभाग यह संदेश देने की कोशिश कर रहा है कि टीबी जैसी गंभीर बीमारी से लड़ाई केवल दवाओं के भरोसे नहीं, बल्कि सही पोषण के साथ ही पूरी तरह जीती जा सकती है. मरीजों को समय पर दवा के साथ-साथ पोषण देना भी उतना ही जरूरी है.
पोषण के साथ इलाज पर दिया जा रहा जोर
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र केसठ के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. विनय कुमार ने बताया कि टीबी के मरीजों की रोग प्रतिरोधक क्षमता काफी कमजोर हो जाती है. ऐसे में अगर उन्हें संतुलित और पौष्टिक आहार मिले, तो दवा का असर भी बेहतर होता है और मरीज तेजी से स्वस्थ होते हैं. उन्होंने कहा कि इस पहल के तहत स्वास्थ्य कर्मी खुद जिम्मेदारी लेकर मरीजों तक पोषण सामग्री पहुंचाएंगे.
उन्होंने यह भी बताया कि टीबी के इलाज के दौरान मरीजों को नियमित निगरानी और सही खान-पान की जरूरत होती है. इस दिशा में यह कदम काफी मददगार साबित होगा. स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा मरीजों से लगातार संपर्क भी बनाए रखा जाएगा, ताकि इलाज में कोई लापरवाही न हो.
लोगों से की गई जागरूक रहने की अपील
डॉ. विनय कुमार ने आम लोगों से अपील करते हुए कहा कि टीबी एक गंभीर लेकिन पूरी तरह ठीक होने वाली बीमारी है. अगर किसी व्यक्ति को दो सप्ताह से अधिक समय तक लगातार खांसी, बलगम या बुखार की शिकायत रहती है, तो उसे तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर जांच करानी चाहिए. समय पर जांच और सही इलाज से इस बीमारी को पूरी तरह खत्म किया जा सकता है.
उन्होंने यह भी कहा कि समाज में अभी भी टीबी को लेकर जागरूकता की कमी है, जिसके कारण कई लोग जांच कराने में देर कर देते हैं. इससे बीमारी बढ़ जाती है. इसलिए जरूरी है कि लोग समय रहते सतर्क हों और लक्षण दिखते ही जांच कराएं.
स्वास्थ्य कर्मियों की सक्रिय भागीदारी
इस मौके पर स्वास्थ्य केंद्र के कई कर्मी मौजूद रहे और उन्होंने इस अभियान को सफल बनाने का संकल्प लिया. इनमें डॉ. जय प्रकाश, डॉ. जियाउलहक, प्रियंका कुमारी, प्रभात कुमार, विक्की कुमार और पप्पू कुमारी समेत अन्य स्वास्थ्य कर्मी शामिल रहे. सभी ने मिलकर मरीजों को बेहतर देखभाल देने और उन्हें स्वस्थ करने की दिशा में काम करने की बात कही.
इस पहल से न केवल मरीजों को सहारा मिलेगा, बल्कि समाज में भी एक सकारात्मक संदेश जाएगा कि सामूहिक प्रयास से टीबी जैसी बीमारी को हराया जा सकता है.
आगे की दिशा और उम्मीद
स्वास्थ्य विभाग की यह पहल आने वाले दिनों में और भी मरीजों तक पहुंच सकती है. अगर इसी तरह जागरूकता और सहयोग बना रहा, तो केसठ क्षेत्र में टीबी के मामलों में कमी आ सकती है. प्रशासन और स्वास्थ्य कर्मियों को उम्मीद है कि इस अभियान से मरीजों का मनोबल बढ़ेगा और वे जल्दी स्वस्थ होकर सामान्य जीवन में लौट सकेंगे.
