buxar news : स्टे आदेश को ठेंगा दिखाकर जमीन की रजिस्ट्री, कटघरे में निबंधन विभाग

buxar news : अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण में न्याय के लिए संघर्ष कर रहीं 90 वर्षीया सोनिया देवी

buxar news : डुमरांव. डुमरांव में न्यायालय के स्पष्ट स्थगन आदेश को ठेंगा दिखाते हुए विवादित भूमि की रजिस्ट्री कर दिए जाने का मामला प्रशासनिक व्यवस्था की पोल खोल रहा है. उप न्यायाधीश-11, डुमरांव द्वारा पारित स्टे आज भी प्रभावी है, इसके बावजूद रोको सूची में दर्ज भूमि की रजिस्ट्री करा दी गयी और जिम्मेदार अफसरों ने आंखें मूंद लीं. यह सनसनीखेज मामला अर्जुनपुर निवासी 90 वर्षीय वृद्धा सोनिया देवी से जुड़ा है, जो अपने माता-पिता की एकमात्र वारिस हैं. वर्ष 2018 में उन्होंने चचेरे भाई पर जालसाजी, कूटरचना और धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए वाद संख्या 52/2018 दायर किया था. न्यायालय ने पांच जनवरी, 2023 को स्पष्ट स्टे दिया, लेकिन 23 दिसंबर, 2024 को उसी भूमि की रजिस्ट्री पीयूष कुमार उपाध्याय व निर्भयराज द्वारा करा ली गयी. वह भी तब, जब भूमि रोको सूची में दर्ज थी. वृद्धा ने अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी कुमारी मनीषा के समक्ष दर्ज शिकायत में कहा कि इस अवैध रजिस्ट्री ने उन्हें मानसिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से गंभीर क्षति पहुंचाई है. आरोप है कि लोक सेवक द्वारा न्यायालयी प्रक्रिया को निष्प्रभावी करने का प्रयास किया गया, जो सीधे-सीधे न्यायालय की अवमानना और पद के दुरुपयोग का मामला बनता है. शिकायत में निबंधन अधिनियम की धारा 82 के तहत फर्जी बयान और कूटर दस्तावेजों के जरिए निबंधन को दंडनीय अपराध बताया गया है. मामले की गंभीरता तब और बढ़ गयी जब इसी केस में रजिस्ट्री का दूसरा डीड भी सामने आया, जिसे लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया गया. यह तथ्य प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है. इसी क्रम में जिला अवर निबंधक, बक्सर द्वारा 25 जनवरी 2026 को नगर थाना बक्सर में संबंधित पक्षकारों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है. वहीं परिवाद संख्या 530110130122510313 (दर्ज : 30 दिसंबर 2025) की सुनवाई में 28 जनवरी 2026 को विवादित डीड न्यायालय में प्रस्तुत किया गया. लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी ने जिला अवर निबंधक, बक्सर को तत्काल जांच कर नियमानुसार कार्रवाई और 11 फरवरी 2026 तक विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का सख्त आदेश दिया है. वृद्धा सोनिया देवी ने अपनी अस्वस्थता का हवाला देते हुए बताया कि वे चलने-फिरने में असमर्थ हैं और उनका एकमात्र पुत्र शिवजी राय उनकी देखभाल करता है. उन्होंने मांग की है कि संबंधित निबंधक से स्पष्टीकरण, प्रशासनिक जांच, दोषियों की जवाबदेही तय और मामले में महानिरीक्षक निबंधन व जिलाधिकारी को अनुशंसा भेजी जाये.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By SHAILESH KUMAR

SHAILESH KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >