Buxar News : सरकार जहां युवाओं को शिक्षा, रोजगार और डिजिटल सशक्तिकरण से जोड़ने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है, वहीं ब्रह्मपुर नगर पंचायत और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में नशीले पदार्थों की बढ़ती कथित तस्करी और युवाओं में बढ़ती लत चिंता का विषय बनती जा रही है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि ब्रह्मपुर क्षेत्र हेरोइन (स्मैक) की आपूर्ति का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है, जिससे आसपास के गांवों के युवा इसकी चपेट में आ रहे हैं.
स्थानीय लोगों ने जताई बढ़ती तस्करी की चिंता
स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में हेरोइन तस्करी की समस्या नई नहीं है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में इसका दायरा तेजी से बढ़ा है. उनका दावा है कि पहले कृष्णाब्रह्म थाना क्षेत्र का टुंडीगंज इलाका इस तरह की गतिविधियों के लिए चर्चा में रहता था, लेकिन अब ब्रह्मपुर क्षेत्र में नशे का कारोबार अधिक सक्रिय दिखाई दे रहा है.
कुछ स्थानों पर संदिग्ध गतिविधियों का आरोप
स्थानीय लोगों के अनुसार, नगर पंचायत के कुछ सुनसान स्थानों, पुराने भवनों, बगीचों और पशु मेला क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियां देखी जाती हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि आसपास के कई गांवों से कुछ युवक यहां पहुंचते हैं और नशीले पदार्थों की खरीद-फरोख्त होती है. हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है.
युवाओं में बढ़ती लत से परिवार परेशान
ग्रामीणों का कहना है कि नशे की लत के कारण कई परिवार आर्थिक और सामाजिक संकट का सामना कर रहे हैं. लोगों का आरोप है कि कुछ युवक नशे की जरूरत पूरी करने के लिए घर का सामान बेचने या चोरी जैसी घटनाओं में भी शामिल हो रहे हैं. वहीं, स्थानीय स्तर पर बाइक और साइकिल चोरी की घटनाओं में भी वृद्धि की शिकायतें सामने आई हैं. हालांकि इन घटनाओं का सीधा संबंध नशे के कारोबार से होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
नाबालिगों के इस्तेमाल का भी आरोप
स्थानीय सूत्रों का आरोप है कि तस्करी से जुड़े लोग पुलिस की नजर से बचने के लिए सोशल मीडिया, ऑनलाइन भुगतान और मैसेजिंग ऐप का उपयोग कर रहे हैं. साथ ही कुछ नाबालिगों को भी कथित रूप से इस नेटवर्क में शामिल किए जाने की बातें सामने आई हैं. इन आरोपों की भी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
पुलिस की कार्रवाई पर उठ रहे सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में नशीले पदार्थों के कारोबार को लेकर कई बार शिकायतें की गई हैं, लेकिन अब तक अपेक्षित स्तर पर कार्रवाई नहीं हो सकी है. कुछ लोगों ने इस कारोबार को स्थानीय प्रभावशाली लोगों के संरक्षण में चलने का आरोप भी लगाया है. हालांकि इन आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है.
एसडीपीओ बोले- जल्द होगी बड़ी कार्रवाई
डुमरांव के एसडीपीओ पोलस्त कुमार ने कहा कि ब्रह्मपुर क्षेत्र को नशामुक्त बनाने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई है. उन्होंने बताया कि पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और जल्द ही इस सिंडिकेट का भंडाफोड़ करते हुए मुख्य सप्लायर्स के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
नशे के खिलाफ जनजागरूकता भी जरूरी
स्थानीय लोगों का मानना है कि केवल पुलिस कार्रवाई ही नहीं, बल्कि नशे के दुष्प्रभावों के प्रति युवाओं और अभिभावकों को जागरूक करना भी आवश्यक है. सामाजिक सहभागिता, नियमित निगरानी और प्रभावी प्रशासनिक कार्रवाई से ही इस समस्या पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है.
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