Buxar Nagar Parishad : बक्सर जिले में रविवार को करीब आधे घंटे तक हुई मूसलाधार बारिश ने नगर परिषद की सफाई और जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी. बारिश थमने के बाद शहर की कई प्रमुख सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं. जगह-जगह एक से दो फीट तक पानी भर जाने से लोगों का आवागमन प्रभावित रहा. नगर परिषद ने मानसून से पहले सभी नालियों की सफाई कराने का दावा किया था, लेकिन पहली तेज बारिश में ही यह दावा धराशायी होता नजर आया.
Buxar News : आधे घंटे की बारिश में शहर हुआ पानी-पानी
बारिश के दौरान शहर के कई इलाकों में जलजमाव की स्थिति बन गई. सड़कों पर पानी भर जाने से दोपहिया और चारपहिया वाहनों की रफ्तार थम गई. पैदल चलने वाले लोगों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. कई स्थानों पर सड़क और नालियों का अंतर तक दिखाई नहीं दे रहा था.
पीसी कॉलेज मोड़ पर सबसे ज्यादा परेशानी
इटाढ़ी मुख्य मार्ग पर स्थित पीसी कॉलेज मोड़ के पास जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण काफी दूर तक पानी जमा हो गया. यह मार्ग बक्सर जिला मुख्यालय को इटाढ़ी, धनसोई और आसपास के दर्जनों गांवों से जोड़ने वाली प्रमुख सड़क है. जलजमाव के कारण इस मार्ग पर घंटों तक यातायात प्रभावित रहा.
छात्र, मरीज और राहगीर सबसे अधिक परेशान
स्थानीय लोगों ने बताया कि इसी सड़क से प्रतिदिन हजारों छात्र-छात्राएं, मरीज, दोपहिया चालक और पैदल यात्री गुजरते हैं. बारिश के बाद सड़क पर पानी भर जाने से लोगों को जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ा. गड्ढों और फिसलन के कारण दुर्घटना की आशंका भी बढ़ गई है.
नगर परिषद के दावों पर उठे सवाल
नगर परिषद की ओर से मानसून से पहले सभी नालियों की सफाई पूरी होने का दावा किया गया था, लेकिन पहली तेज बारिश में ही शहर के कई हिस्सों में जलजमाव ने इन दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं. लोगों का कहना है कि यदि नालियों की सही तरीके से सफाई और जल निकासी की व्यवस्था होती, तो इतनी बड़ी समस्या नहीं होती.
स्थायी समाधान की मांग
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन और नगर परिषद से मांग की है कि पीसी कॉलेज मोड़ समेत जलजमाव वाले सभी क्षेत्रों में स्थायी ड्रेनेज व्यवस्था विकसित की जाए और क्षतिग्रस्त सड़कों की जल्द मरम्मत कराई जाए. लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो बरसात के दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है.
