Buxar News : बक्सर नगर के स्टेशन रोड निवासी हर्ष कुमार ने अपनी मेहनत और लगातार प्रयास के दम पर यूजीसी नेट 2026 की परीक्षा में शानदार सफलता हासिल की है. सामान्य कोटि से परीक्षा देते हुए हर्ष ने ऑल इंडिया 55वीं रैंक हासिल कर जेआरएफ उत्तीर्ण किया है. उनकी इस उपलब्धि से बक्सर का शिक्षा जगत गौरवान्वित है. परिणाम जारी होने के बाद हर्ष को बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है.
तीन बार NET पास, लेकिन नहीं छोड़ी उम्मीद
हर्ष कुमार इससे पहले वर्ष 2024 और 2025 में तीन बार यूजीसी नेट क्वालीफाई कर चुके हैं. हालांकि, मामूली अंकों के अंतर से वे जेआरएफ की सफलता से चूक गये थे. लगातार असफलता के बावजूद उन्होंने तैयारी जारी रखी. इस बार मेहनत रंग लाई और उन्होंने जेआरएफ क्वालीफाई करने के साथ ऑल इंडिया 55वीं रैंक हासिल कर ली.
99.84 परसेंटाइल ने दिलायी बड़ी कामयाबी
यूजीसी नेट 2026 में हर्ष कुमार ने 99.84 परसेंटाइल प्राप्त किया है. उन्होंने भूगोल विषय से परीक्षा दी थी. हर्ष ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) से भूगोल विषय में स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी की है. उनकी सफलता में लगातार अध्ययन और पूर्व परीक्षाओं के अनुभव की अहम भूमिका रही.
बहन भी JRF, अब भाई ने बढ़ाया परिवार का गौरव
हर्ष कुमार की बड़ी बहन दीक्षा केसरी ने भी इसी वर्ष आईसीपीआर से जेआरएफ क्वालीफाई किया है. उन्होंने पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के पीएचडी प्रवेश परीक्षा में टॉप किया और वर्तमान में दर्शनशास्त्र विषय से पीएचडी कर रही हैं. भाई-बहन की इस शैक्षणिक उपलब्धि से परिवार के साथ जिले में भी खुशी का माहौल है.
शिक्षक पिता और पशु चिकित्सक दादा की विरासत
हर्ष कुमार के पिता अंजनी कुमार इटाढ़ी प्रखंड के मध्य विद्यालय बैरी में प्रधानाध्यापक के पद पर पदस्थापित हैं. वहीं उनके दादाजी स्व. डॉ. बंसरोपन प्रसाद केसरी शहर में पशु चिकित्सक के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. शिक्षा और सेवा से जुड़े पारिवारिक माहौल का प्रभाव हर्ष की सफलता में भी दिखाई देता है.
बक्सर के शिक्षा जगत में खुशी
हर्ष कुमार की सफलता की खबर सामने आने के बाद शिक्षा जगत से जुड़े लोगों और परिचितों में खुशी है. लोगों ने उनकी मेहनत और उपलब्धि की सराहना करते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं. हर्ष की सफलता उन अभ्यर्थियों के लिए भी प्रेरणा है, जो लगातार प्रयास के बावजूद शुरुआती दौर में मनचाही सफलता हासिल नहीं कर पाते.
