बक्सर. जिले की चार विधानसभा क्षेत्रों में से अनुसूचित जाति के लिए एकमात्र आरक्षित राजपुर सीट से मुकाबले को लेकर छाया धुंध अब छंटने लगा है. राजपुर विधानसभा उतर प्रदेश के अलावा रोहतास जिला के दिनारा विधानसभा की सीमा से जुड़ा है. लिहाजा यहां बसपा का तो प्रभाव है ही, कांग्रेस, राजद, भाजपा, जदयू का भी दबदबा रहा है. बिहार विधानसभा आम निर्वाचन 2020 में राजपुर से जीत का परचम लहराने वाले कांग्रेस के विश्वनाथ राम पर पार्टी ने एक बार फिर भरोसा जताकर महागठबंधन के समर्थन से उन्हें उम्मीदवार बनाया है. वहीं पिछले चुनाव में उनके मुख्य प्रतिद्वंदी रहे पूर्व मंत्री व एनडीए समर्थित जदयू के संतोष कुमार निराला समेत कुल 12 उम्मीदवार चुनावी मैदान में ताल ठोक रहे हैं. इनमें मुख्य मुकाबला कांग्रेस के निवर्तमान विधायक विश्वनाथ राम एवं जदयू के संतोष कुमार निराला के बीच है. लेकिन इस बार विश्वनाथ राम की राह आसान नहीं दिख रही है, क्योंकि एक तरफ उन पर सत्ता विरोधी लहर का असर स्पष्ट दिखाई दे रहा है तो हार के बाद सबक लेते हुए आचार-व्यवहार में नरमी व बदलाव के कारण संतोष कुमार निराला पर उनके कोर वोटरों का भरोसा बढ़ा है. आलम यह है कि उनके समर्थकों में खासा उत्साह दिख रहा है. इधर पिछली बार तीसरे पायदान पर रही बहुजन समाज पार्टी के नये उम्मीदवार लाल जी राम के आधार वोट में सांसद चंद्रशेखर आजाद की आजाद समाज पार्टी के प्रत्याशी अनिल कुमार राम सेंधमारी के लिए जी तोड़ मेहनत कर रहे हैं. पिछली बार 67871 मत पाकर विश्वनाथ राम विजेता बने थे तो 46667 वोट पाकर संतोष निराला दूसरे स्थान और 43836 मत पाकर बसपा के संजय राम तीसरे पायदान पर रहे थे. इसी तरह लोक जनशक्ति पार्टी के निर्भय कुमार निराला को 7449, निर्दलीय आजाद पासवान को 4276, नोटा को 2841 वोट, निर्दलीय छेदी लाल राम को 2365, निर्दलीय नीलकमल प्रसाद को 1873, निकुंज कुमार आर्य को 1481, भारतीय सबलोग पार्टी के हरेराम प्रसाद को 1441, बहुजन मुक्ति पार्टी के अशोक कुमार राम को 1327, भारतीय आम आवाम पार्टी के सविनय कुमार को 969, संयुक्त किसान विकास पार्टी के सूरज प्रकाश राम को 885, राष्ट्रीय जयहिन्द पार्टी के अशोक पासवान को 748 व पीपुल्स पार्टी ऑफ इंडिया के मोहन राम रजक को 587 मत से संतोष करना पड़ा था.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
