बक्सर. नगर के ऐतिहासिक एवं धार्मिक महता वाले रामरेखाघाट पर नगर परिषद डंपिंग जोन बना दिया है. जिसके कारण रामरेखाघाट पर आने जाने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. वहीं इसके पास ही खाने पीने वाले सामनों की दुकानें सजती है. जिससे इस बदबू एवं इन गंदगी पर बैठने वाली मक्खियों के कारण खाने पीने की सामानों को प्रदूषित होने की खतरा बना रहता है. इसके साथ ही नगर का धार्मिक महता वाला घाट होने के कारण दूर दराज से आने वाले श्रद्धालुओं के मन में भी रामरेखाघाट के प्रति गंंदगी को लेकर गलत अवधारणा कायम होगी. नगर परिषद के सफाई एजेंसी की इस गलतपूर्ण रवैया के कारण घाट गंदगी में पूर्व की अपेक्षा तब्दिल होते जा रहा है. जबकि साफ सफाई को लेकर रामरेखाघाट पर कई सफाई वाहन भी मौजूद है. इसके बावजूद घाट की सफाई की बजाय नगर की सफाई की कचरों का रामरेखाघाट पर ही डंप प्वाइंट बनाकर डंप किया जा रहा है. वहीं रामरेखाघाट पर प्रतिदिन गंगा स्नान करने वाले श्रद्धालुओं के साथ ही अपने परिजनों का अंतिम संस्कार के बाद स्नान करने के लिए हजारों की संख्या में लोग पहुंचते है. वहीं ज्ञात हो कि गंगा घाटों की सफाई केे लिए लाखों रूपये प्रतिमाह खर्च किये जाते है. जिससे की पर्यटन की दृष्टिकोण से नगर में बढ़ावा मिलने के साथ ही नगर की स्वच्छता प्रभावित नहीं हो. विभागीय सूत्रों के अनुसार गंगा घाटों की स्वच्छता को लेकर पूर्व में 12 लाख प्रतिमाह खर्च किया जाता था. जिसे फिलहाल सम्मिलित रूप से कर दिया गया है. इसके बाद भी रामरेखाघाट को घाट को स्वच्छ बनाने की बजाय डंपिंग केंद्र बना दिया गया है. वहीं बता दें कि नगर परिषद बक्सर स्वच्छता के मामले में काफी बेहतर स्थान रखने वाला अब सफाई के मामले में काफी फिसड्डी साबित होने के कगार पर पहुंच गया है. घाट के साथ ही नगर की स्वच्छता इन दिनों काफी प्रभावित हो गई है. इस संबंध में कार्यपालक पदाधिकारी नगर परिषद आशुतोष गुप्ता ने बताया कि इसकी जानकारी उन्हें नहीं है. पता किया जा रहा है. आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.
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