Buxar News : बक्सर में गंगा का बढ़ता जलस्तर तटवर्ती इलाकों के लिए चिंता का कारण बन गया है. शहर के रामरेखाघाट स्थित दोनों विवाह मंडप पूरी तरह पानी में डूब गये हैं और मंडपों से पानी का तेज बहाव हो रहा है. श्रीनाथ बाबा घाट पर भी गंगा का पानी चढ़ गया है. हालांकि, जलस्तर में फिलहाल स्थिरता आने से प्रशासन और लोगों ने थोड़ी राहत की सांस ली है, लेकिन ऊपरी इलाकों से लगातार पानी आने के कारण खतरा अभी टला नहीं है.
रामरेखाघाट के विवाह मंडप डूबे, नाव परिचालन पर रोक
गंगा का पानी बढ़ने के बाद रामरेखाघाट और श्रीनाथ बाबा घाट पर स्थिति गंभीर हो गयी है. प्रशासन ने सुरक्षा को देखते हुए गंगा में नावों के परिचालन पर पाबंदी लगा दी है. घाटों पर खतरे के बोर्ड लगाकर लोगों को सावधान किया जा रहा है. स्नान करने वाले लोगों पर भी निगरानी बढ़ा दी गयी है.
जलस्तर में उतार-चढ़ाव, फिलहाल स्थिरता से राहत
रविवार सुबह आठ बजे बक्सर में गंगा का जलस्तर 59.53 मीटर दर्ज किया गया था. इसके बाद करीब एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ते हुए सुबह 10 बजे 59.55 मीटर तक पहुंच गया. बक्सर में चेतावनी स्तर 59.32 मीटर और खतरे का निशान 60.32 मीटर निर्धारित है. यानी गंगा चेतावनी स्तर से ऊपर बह रही है और खतरे के निशान के करीब पहुंच चुकी है. हालांकि, शाम के आंकड़ों में जलस्तर में स्थिरता दर्ज की गयी, जिससे तत्काल थोड़ी राहत की उम्मीद जगी है.
प्रयागराज और वाराणसी में भी बढ़ रहा गंगा का दबाव
ऊपरी इलाकों में भी गंगा का जलस्तर बढ़ा हुआ है. प्रयागराज के फाफामऊ में जलस्तर 80.77 मीटर, छतनाग में 80.03 मीटर और नैनी में यमुना का जलस्तर 80.42 मीटर दर्ज किया गया. वहीं, कानपुर, नरौरा और हरिद्वार बैराज से बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण प्रयागराज में आने वाले दिनों में जलस्तर बढ़ने की आशंका जतायी जा रही है. वाराणसी में भी गंगा चेतावनी स्तर के करीब पहुंच गयी है.
दियारा में हजारों एकड़ फसल पर संकट
गंगा के बढ़ते पानी का सबसे अधिक असर चौसा, सिमरी, ब्रह्मपुर और बक्सर सदर अंचल के दियारा क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है. तटवर्ती इलाकों में पानी तेजी से फैल रहा है. किसानों की हजारों एकड़ में लगी मक्का, बाजरा और सब्जियों की फसल डूबने के कगार पर है. पानी बढ़ने से मवेशियों के लिए चारे का संकट भी गहराने लगा है.
सुरक्षित ठिकानों की ओर जाने लगे ग्रामीण
दियारा क्षेत्रों में पानी बढ़ने के कारण कई परिवार सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे हैं. कुछ लोग नाव के सहारे अपने सामान और मवेशियों को सुरक्षित जगह पहुंचा रहे हैं. लगातार बढ़ते जलस्तर ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है.
प्रशासन ने बढ़ायी निगरानी, NDRF-SDRF अलर्ट
बाढ़ की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने सभी अंचल अधिकारियों को अलर्ट पर रखा है. एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को भी तैयार रहने का निर्देश दिया गया है. प्रशासन की ओर से तटवर्ती इलाकों में स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है. जलस्तर में फिर बढ़ोतरी होने की स्थिति में प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान तेज किया जा सकता है.
