बक्सर. जिले में खरीफ मौसम की शुरुआत के साथ ही किसान खेतों की तैयारी में जुट गये हैं. लेकिन इस बार भी कृषि विभाग की धीमी रफ्तार किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर रही है.
विभाग की ओर से खरीफ फसल के लिए अनुदानित दर पर बीज वितरण की योजना तो समय पर शुरू की गयी, लेकिन उसका क्रियान्वयन बेहद सुस्त है. तय लक्ष्य के मुकाबले 20 दिन गुजर जाने के बाद भी महज पांच प्रतिशत यानी करीब 1204 क्विंटल बीज ही किसानों तक पहुंच पाया है. कृषि विभाग के मुताबिक इस खरीफ सत्र में जिले के कुल 1,88,842 हेक्टेयर भूमि में गेहूं, चना, मंसूरी, सरसों अन्य फसलों की खेती की जानी है. किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विभाग ने 23,121 क्विंटल बीज को अनुदानित दर पर वितरण करने का लक्ष्य तय किया था. इसके लिए 15 सितंबर से विभागीय वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू की गयी थी, ताकि खरीफ बोआई के पहले ही किसानों को बीज मिल सके. लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि नवम्बर में भी लगभग एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी वितरण की रफ्तार बेहद धीमी है. बीज वितरण केंद्रों पर इन दिनों किसानों की भीड़ देखी जा रही है. कई किसान को कहना है कि हमें खेती करना है कि कुछ और बीज मिलता है कुछ और इसके वजह से बीज का कम वितरण हो रहा है.अनुदानित दर पर बीज वितरण का उद्देश्य
राज्य सरकार ने किसानों को सस्ती दर पर गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने के लिए अनुदानित बीज वितरण योजना चलायी है. इस योजना के तहत किसानों को प्रति क्विंटल बीज पर औसतन 30 से 50 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जाती है. उद्देश्य यह है कि किसान निजी दुकानों पर अधिक कीमत चुकाने के बजाय सरकारी चैनल से बेहतर बीज खरीदें और उत्पादन बढ़ा सकें. लेकिन हर साल की तरह इस साल भी योजना का लाभ समय पर किसानों तक नहीं पहुंच पा रहा. पिछले वर्ष भी खरीफ सत्र में बीज वितरण की प्रक्रिया में देरी के कारण कई किसानों को निजी विक्रेताओं से ऊंचे दामों पर बीज खरीदना पड़ा था.बोआई पर पड़ सकता है असर
बीज वितरण में हो रही देरी का सीधा असर बोआई पर पड़ने की आशंका है. कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, खरीफ फसल की बोआई के लिए यह समय अत्यंत महत्वपूर्ण होता है. यदि बीज वितरण में और विलंब हुआ, तो खेतों में बोआई का समय निकल जायेगा, जिससे उत्पादन पर असर पड़ेगा. बीज न मिलने से किसानों को या तो बोआई टालनी पड़ती है या निजी स्रोतों से महंगा बीज लेना पड़ता है, जिससे लागत बढ़ जाती है.क्या कहते हैं अधिकारी
जिला कृषि पदाधिकारी धर्मेंद्र कुमार ने कहा कि कृषि विभाग के सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को निर्देश दिया गया है कि ससमय किसानों को बीज उपलब्ध कराएं. साथ ही जिले के किसानों से अनुरोध है कि गेहूं का बीज उपलब्ध है, ससमय प्राप्त कर सकते हैं. बीज आपूर्ति का कार्य चरणबद्ध तरीके से हो रहा है. जो स्टॉक प्राप्त हुआ है, उसका वितरण तुरंत किया जा रहा है. आने वाले दिनों में वितरण की गति तेज की जायेगी, ताकि सभी किसानों को समय पर बीज उपलब्ध कराया जा सके.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
