राजपुर. प्रखंड की सभी 19 पंचायतों के लिए इस बार लक्ष्य के अनुरूप लगभग 20 हजार से अधिक हेक्टेयर भूमि पर धान की खेती की गयी है. इस बार समय पर मॉनसून आने के साथ ही समय-समय पर वर्षा होने से फसल की पैदावार भी अच्छी हुई है. कृषि विभाग के तरफ से किसानों को यह जानकारी दी गयी थी कि समय पर धान कटनी हो जाने के बाद इस बार रबी की खेती भी समय पर हो जायेगी. इसके लिए विभाग के तरफ से इस बार चना, मसूर एवं गेहूं का बीज भी किसानों को दिया जा रहा है. खेत खाली नहीं होने से बोआई का काम अभी पूरी तरह से बंद है. अभी किसी भी गांव में धान कटनी का काम शुरू नहीं किया गया है. लौटते मॉनसून के बाद विगत एक सप्ताह पूर्व चक्रवाती वर्षा से खेतों में अधिक पानी लग गया है. इन दिनों किसान लगातार खेतों से पानी निकालने के लिए इलेक्ट्रिक मोटर चलाकर नहर किनारे चाट में पानी निकाल रहे हैं. किसान दयानंद सिंह, हाशिम अंसारी, रिंकू सिंह, जीबोधन राय, ज्योति सिंह, संजय सिंह के अलावा अन्य किसानों ने बताया कि खेत में लगा धान का फसल पककर तैयार हो गया है. पानी लगने से कटनी का काम पूरी तरह से बंद है. वर्षा के समय अधिकतर खेतों में लगा धान भी गिरकर पानी में खराब हो रहा है. इसको बचाने के लिए प्रयास किया जा रहा है. ऐसे में फसल की पैदावार भी कम होने की उम्मीद हो गयी है. अगर समय पर धान कटनी कर रबी फसल की बोआई नहीं होती है तो खेती भी प्रभावित हो सकता है. विभाग के अनुसार 15 नवंबर से चना एवं गेहूं की बोआई शुरू कर देना है.
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