Buxar News: 15009 किसानों को मिलेगा कृषि फीडर का लाभ

बिजली आपूर्ति को सुचारू रूप से चलने के लिए साथ ही साथ किसानों को सिंचाई करने नये फीडर सहित अन्य समस्याओं से निपटने के लिए विद्युत विभाग में 250 करोड़ रुपये खर्च किया.

बक्सर. बिजली आपूर्ति को सुचारू रूप से चलने के लिए साथ ही साथ किसानों को सिंचाई करने नये फीडर सहित अन्य समस्याओं से निपटने के लिए विद्युत विभाग में 250 करोड़ रुपये खर्च किया. बिहार राज्य विद्युत विभाग ने 2022 से 2025 के बीच कृषि क्षेत्र की बिजली व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए 250 करोड़ की महत्वाकांक्षी योजना शुरू की है. इस योजना का उद्देश्य जिले के किसानों को बेहतर, सस्ती और सुचारू रूप से बिजली उपलब्ध कराना है ताकि कृषि उत्पादन में वृद्धि हो और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले. राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदमों से कृषि क्षेत्र में एक नई ऊर्जा का संचार हुआ है. साथ ही साथ एनसीएल कंपनी के द्वारा जिले के कुल कृषि कार्य हेतु 25 केवीए का ट्रांसफॉर्मर 2580 लगाने है लेकिन अभी तक 2544 लगा दिया गया है. यह योजना 2022 से चलाई जा रही है. विभागीय अधिकारी को माने तो यह काम सितंबर माह तक पूरा कर लिया जाएगा ताकि किसानों को सिचाई करने में सुविधा मिल सके. साथ ही साथ 63 केवी का 74 ट्रांसफार्मर लगाये जाने था. वही मुख्यमंत्री कृषि विद्युत संबल योजना फेज टू के तहत वित्तीय वर्ष 24-25 में 63 केवी का 509 ट्रांसफार्मर तो साथ ही साथ 25 केवी का 461 ट्रांसफार्मर लगाने कि योजना है . इन सभी ट्रांसफार्मर से जिले के कुल 15 हजार 9 किसानों को इसका फैयदे मिलगे. जबकि अभी तक 9200 किसानों को इसका लाभ मिल चूका है. कृषि सिंचाई के लिए लगाये जा रहे हैं 3163 नये कृषि ट्रांसफॉर्मर : जिले के गांवों में बिजली की गुणवत्ता सुधारने के लिए 3163 नए कृषि ट्रांसफॉर्मर लगाए जा रहे. इससे लगभग जिले के 15 हजार किसानों को लाभ मिलेगा. अभी तक 9200 किसानों को सीधा लाभ मिल रहा है. इन ट्रांसफार्मरों के माध्यम से कृषि फीडरों की क्षमता बढ़ी है, जिससे खेतों को समय पर सिंचाई के लिए स्थिर बिजली मिलेगी. ताकि सिचाई करने में किसानों को असुविधा न हो. बनाये गये नये 31 कृषि फीडर : जिले 23 प्रमुख पावर सब-स्टेशनों से 31 नए कृषि फीडर बनाए जा रहे हैं. जिसमें अब तक 25 नये कृषि फीडर का काम पूरा कर लिया गया है. बाकी शेष 6 फिडर का काम सितंबर माह तक पूरा कर लिया जायेंगे. इससे किसानों को विशेष रूप से दिन के समय समर्पित बिजली मिल रही है, जो डीजल पंपों की निर्भरता को कम करती है और सिंचाई की लागत घटाती है. बड़े फीडरों का दो भागों में बाटा जा रहा है : 18 बड़े कृषि फीडरों को दो हिस्सों में बांटा जा रहा है ताकि जिले के उपभोक्ताओं को सुचारू रुप से बिजली प्राप्त हो सके. जिसको लेकर विभाग के द्वारा 60 सर्किट किलोमीटर का काम करने का योजना बनाया गया था लेकिन अभी तक 42.51 सर्किट किलोमीटर काम पूरा कर लिया गया है. बाकी शेष कार्य सितंबर माह तक पूरा कर लिया जायेगा. फीडर का विभाजन करने से लोड संतुलन बेहतर होगा. साथ ही साथ फाल्ट और ट्रिपिंग की समस्या में कमी आयेगी. जिसको लेकर विभाग के द्वारा 60 सर्किट किलोमीटर का काम करने का योजना बनाया गया था लेकिन अभी तक 42.51 सर्किट किलोमीटर काम पूरा कर लिया गया है. बाकी शेष कार्य सितंबर माह तक पूरा कर लिया जायेगा. विभागीय अधिकारियों को माने तो जो बडा़ फीडर जो कि 60 किलोमीटर या उससे बड़ा है उसे छोटा किया जा रहा है ताकि मरम्मत करने में आसान हो जायेगा. 194 ट्रांसफॉर्मर गर्मी में लो वोल्टेज की समस्या को देखते हुए लगाया गया : जिले में लगातार उपभोक्ताओं कि संख्या बढ़ रही है जिसको देखते हुए विभाग ने वित्तीय वर्ष 24-25 में विभाग के द्वारा 194 ट्रांसफॉर्मर लगाये ताकि गर्मी के मौसम में लो वोल्टेज की समस्या ना हो . गर्मी के मौसम में अक्सर वोल्टेज गिरने से उपभोक्ताओं कि समस्या बंढ जाता है. इस समस्या को दूर करने के लिए 194 नए ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं, गर्मी के मौसम में अक्सर वोल्टेज गिरने से उपभोक्ताओं कि समस्या बंढ जाता है. जिससे समुचित वोल्टेज बनाए रखना संभव हो सका है.

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