डुमरांव से विनीत कुमार मिश्रा की रिपोर्ट :
Buxar News: बक्सर जिले के डुमरांव प्रखंड कृषि कार्यालय में सोमवार को प्रखंड स्तरीय शारदीय खरीफ महाभियान का आयोजन किया गया. कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंध अभिकरण (आत्मा), बक्सर द्वारा आयोजित इस विशेष कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को आधुनिक और जैविक खेती के प्रति जागरूक करना था.
महाभियान का विधिवत उद्घाटन उप परियोजना निदेशक (आत्मा) रणधीर कुमार, कृषि विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञ हरिगोविंद जायसवाल, प्रखंड कृषि पदाधिकारी विशाल कुमार, आत्मा अध्यक्ष संजय राय, प्रखंड उद्यान पदाधिकारी विष्णु शंकर और प्रखंड तकनीकी प्रबंधक कल्याणी कुमारी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया. कार्यक्रम के मंच का संचालन कृषि समन्वयक मृत्युंजय मिश्रा द्वारा किया गया.
दलहनी फसलों से सुधरेगी मिट्टी की उर्वरता
खरीफ महाभियान के दौरान कृषि वैज्ञानिक हरिगोविंद जायसवाल ने उपस्थित किसानों को खेतों में दलहनी फसल लगाने पर विशेष जोर देने को कहा. उन्होंने बताया कि दलहनी फसलों से न सिर्फ पोषण के लिए भरपूर प्रोटीन मिलता है, बल्कि इससे मिट्टी में नाइट्रोजन की मात्रा भी स्वाभाविक रूप से बढ़ती है. यह मिट्टी की उर्वरता को सुधारने का सबसे बेहतर तरीका है, जिससे अगली फसल में कम रासायनिक खाद के इस्तेमाल से भी अच्छी उपज प्राप्त की जा सकती है.
हरी खाद के प्रयोग से बचेगी खेतों की उर्वरा शक्ति
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रखंड कृषि पदाधिकारी विशाल कुमार ने किसानों को जैविक खाद और हरी खाद के प्रयोग के लिए प्रेरित किया. उन्होंने कहा कि लगातार रासायनिक खादों के इस्तेमाल से खेतों की उर्वरा शक्ति घट रही है, जिसे हरी खाद के प्रयोग से ही बचाया जा सकता है. वहीं उप परियोजना निदेशक रणधीर कुमार ने किसानों को बुआई से पहले बीज को फफूंदनाशक, कीटनाशक और राइजोबियम कल्चर से उपचारित करने की सलाह दी. ऐसा करने से फसलों को बीज व मिट्टी जनित रोगों से बचाया जा सकता है और खेती में रसायन का खर्च घटने से किसानों की आमदनी बढ़ेगी.
बागवानी और आधुनिक सिंचाई पर मिलेगा बंपर अनुदान
प्रखंड उद्यान पदाधिकारी विष्णु शंकर ने किसानों को कृषि विभाग की ओर से मिलने वाले अनुदानों की विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने ड्रिप व स्प्रिंकलर सिंचाई पद्धति अपनाने पर मिलने वाली सब्सिडी के बारे में बताया. इसके साथ ही किसानों को केला, पपीता, आम, अमरूद, शरीफा व ताड़ का बगीचा लगाने के लिए दिए जा रहे सरकारी अनुदान और इससे जुड़ी तकनीकी बारीकियों से अवगत कराया.
पीएम किसान योजना का लाभ चाहिए तो करानी होगी फार्मर रजिस्ट्री
सहायक तकनीकी प्रबंधक विवेकानंद उपाध्याय ने किसानों को एक महत्वपूर्ण सरकारी नियम की जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में सभी रैयत किसानों का फार्मर रजिस्ट्री का कार्य चल रहा है. पीएम किसान सम्मान निधि, सरकारी खाद और बीज का लाभ लेते रहने के लिए यह रजिस्ट्री कराना बेहद जरूरी है, वरना किसानों की अगली किस्त रुक सकती है. उन्होंने किसानों को बताया कि वे ‘बिहार कृषि एप’ के जरिए घर बैठे सरकारी योजनाओं की जानकारी और आवेदन कर सकते हैं. साथ ही जो किसान पढ़े-लिखे नहीं हैं, वे ‘बिहार कृषि रेडियो’ के माध्यम से खेती की नई तकनीकों की जानकारी ले सकते हैं.
प्रखंड तकनीकी प्रबंधक कल्याणी कुमारी ने जानकारी दी कि आत्मा की तरफ से किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए फल, सब्जी, मशरूम उत्पादन, बकरी पालन और मछली पालन आदि विषयों पर लगातार निशुल्क प्रशिक्षण दिए जाते हैं.
कार्यक्रम में ये लोग रहे उपस्थित
इस महत्वपूर्ण कृषि महाभियान के मौके पर कृषि समन्वयक राजेश्वर प्रसाद, श्यामजी यादव, किसान सलाहकार जितेंद्र चौधरी, मनीष सिंह, अमरेश तिवारी, दिलीप कुमार शर्मा के साथ-साथ इलाके के प्रगतिशील किसान ददन सिंह, सुदर्शन यादव, रीता देवी, तारामुनी देवी सहित कई अन्य किसान मुख्य रूप से उपस्थित रहे.
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