बक्सर. बिहार विधानसभा आम निर्वाचन के प्रथम चरण के तहत गुरुवार को जिले की चार सीटों के लिए कराये गये मतदान के बाद सभी पोल्ड इवीएम व वीवीपैट को यहां बाजार समिति परिसर स्थित स्ट्रांग रूम में सीलबंद कर दिया गया है.
चुनाव आयोग की गाइडलाइन के मुताबिक इवीएम की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये गये हैं, ताकि वहां परिंदा भी पर नहीं मार सके. मतदान के बाद कड़ी सुरक्षा के बीच पोलिंग बूथों से इवीएम को स्ट्रांग रूम में लाने का सिलसिला देर रात तक चला. इसके कारण बाजार समिति रोड से लेकर स्टेशन रोड व बाइपास रोड समेत अन्य सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गयी थीं.एक ही परिसर में बने हैं चारों सीटों के स्ट्रांग रूम
जिले के सभी चार विधानसभा क्षेत्रों ब्रह्मपुर, बक्सर, डुमरांव व राजपुर से आई सभी इवीएम व वीवीपैट मशीनों को सुरक्षा घेरे के बीच लाया गया. इसके बाद चुनाव प्रेक्षकों व आलाधिकारियों की देखरेख तथा उम्मीदवारों अथवा उनके प्रतिनिधियों की मौजूदगी में बाजार समिति परिसर स्थित एसएफसी के अलग-अलग वेयरहाउस में बने स्ट्रांग रूम में डबल लॉक सिस्टम से सील कर सुरक्षित रखा गया. मतगणना के लिए 14 नवंबर को स्ट्रांग रूमों का लॉक खोला जायेगा.सुरक्षा में सीएपीएफ से लेकर जिला बल के जवान तैनात
स्ट्रांग रूम की सुरक्षा के लिए तीन लेयर वाली अभेद्य व्यवस्था की गयी है. प्रथम लेयर पर स्ट्रांग रूम के सबसे करीब केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल यानि सीएपीएफ की तैनाती है. वहां सीएपीएफ के प्लाटून कमांडर के नेतृत्व में बल के जवान चौबीसों घंटे पहरेदारी कर रहे हैं. दूसरी परत में राज्य सशस्त्र बल के जवान मुस्तैद किये गये हैं, वहीं तीसरी परत में दूसरी परत से करीब 150 फुट की दूरी पर ड्रॉप गेट पर जिला सशस्त्र बल के जवान तैनात हैं, जो बाहरी घेरा की सुरक्षा सुनिश्चित कर हैं. इसके अलावा परिसर की गश्ती के लिए पुलिस बल की एक अतिरिक्त टुकड़ी तैनात की गयी है.निगाहबानी कर रही तीसरी आंख
पूरे स्ट्रांग रूम परिसर में 24×7 की निगरानी के लिए सीसीटीवी की व्यवस्था की गयी है, जिसके द्वारा वहां जाने-आने वाले हर अधिकारी अथवा उम्मीदवारों के प्रतिनिधि की गतिविधियों पर बारीकी से नजर रखी जा सके. बाहरी परिधि के बाद एक नियंत्रण कक्ष बनाया गया है, जहां से सभी सीसीटीवी कैमरे के फीडबैक लिया जायेगा. उसी कक्ष में प्रत्येक पाली में प्रत्याशी के दो कार्यकर्ता बैठकर स्ट्रांग रूम की निगरानी कर सकेंगे.प्रवेश करनेवाले हर व्यक्ति का रखा जा रहा रिकॉर्ड
सुरक्षा घेरे के भीतर प्रवेश के लिए कड़े नियम बनाये गये हैं. सीएपीएफ टीम के पास एक लॉग बुक रखा गया है, जिसमें सुरक्षा घेरा को पार करने वाले हर व्यक्ति का नाम, तिथि और समय का ब्योरा दर्ज करने का प्रावधान है. यह नियम पर्यवेक्षक, जिला निर्वाचन पदाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, निर्वाची पदाधिकारी अथवा प्रत्याशी या उनके कार्यकर्ता सभी पर लागू होगा. इसके अलावा सीएपीएफ को वीडियो कैमरा मुहैया कराया गया है, जिसके माध्यम से हर आगंतुक की वीडियोग्राफी की जायेगी. कार्यकर्ताओं के लिए फोटोयुक्त मतदाता पहचान पत्र और स्ट्रांग रूम प्रवेश पत्र अनिवार्य है. इसके अलावा किसी भी प्रकार के हथियार या ज्वलनशील पदार्थ ले जाना पूर्णतः प्रतिबंधित है.
मतगणना तक जारी रहेगी यह व्यवस्था
बक्सर के निर्वाची पदाधिकारी सह अनुमंडल पदाधिकारी अविनाश कुमार बताया कि पालीवार तैनात दंडाधिकारी और पुलिस अधिकारी सात नवंबर से लेकर मतगणना तक वहां तैनात रहेंगे. प्रत्याशियों के कार्यकर्ताओं के ठहराव स्थल पर पेयजल और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था भी की गयी है. सभी प्रतिनियुक्त अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे पालीवार खैरियत रिपोर्ट एक रजिस्टर में दर्ज करें, ताकि गाहे-बगाहे निरीक्षण किया जा सके.
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