Buxar News: रासायनिक खेती को छोड़ जैविक पद्धति अपनाने पर दिया गया जोर

कृषि विभाग बक्सर के बैनर तले जैविक कॉरिडोर योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2022-23 से 2024-25 तक चलाए जा रहे

बक्सर . कृषि विभाग बक्सर के बैनर तले जैविक कॉरिडोर योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2022-23 से 2024-25 तक चलाए जा रहे कार्यक्रम के अंतर्गत द्वितीय वर्ष में बक्सर प्रखंड के जगदीशपुर पंचायत में एकदिवसीय किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया.कार्यक्रम का उद्घाटन जैविक कॉरिडोर योजना के डीपीएमयू ऋषभ राज, आईसीएस मैनेजर विवेकानंद उपाध्याय तथा प्रखंड तकनीकी प्रबंधक अजय कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से किया. प्रशिक्षण के दौरान किसानों को संबोधित करते हुए डीपीएमयू ऋषभ राज ने कहा कि जैविक खेती केवल वर्तमान नहीं, बल्कि भविष्य की खेती है.उन्होंने कहा कि रासायनिक खाद और कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से खेतों की उर्वरा शक्ति दिन-प्रतिदिन घट रही है, जिससे जमीन की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है. जैविक खेती से न सिर्फ भूमि की उर्वरता बनी रहती है बल्कि गुणवत्तापूर्ण और पौष्टिक फसल भी प्राप्त होती है. ऋषभ राज ने आगे बताया कि जैविक खेती में पानी की खपत भी कम होती है, जिससे यह पर्यावरण के लिए भी लाभकारी है.किसानों को मटका त्वक, जोबामृत, बीजामृत और गेम आर्क जैसी जैविक विधियों की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि इन विधियों को अपनाकर किसान बिना रासायनिक खाद के बेहतर उत्पादन ले सकते हैं. आईसीएस मैनेजर विवेकानंद उपाध्याय ने भी किसानों को जैविक खेती के बाजार मूल्य और मांग के बारे में विस्तार से बताया.उन्होंने कहा कि जैविक उत्पादों की मांग दिनोंदिन बढ़ रही है, जिससे किसानों को बेहतर आमदनी का अवसर मिल सकता है.किसानों ने इस मौके पर जैविक खेती से जुड़ी समस्याएं और अनुभव साझा किए तथा योजना से जुड़कर खेती में बदलाव लाने की बात कही. कृषि समन्वयक उमेश कुमार, तेज नारायण, भुनेश्वरी राम शामिल रहे.

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