बक्सर में ट्यूबवेल और बारिश के भरोसे खेती कर रहे किसान, पानी नहीं मिलने से सूख रहे धान के बिचड़े

Dumraon Canal Water Crisis : बक्सर जिले के डुमरांव प्रखंड में कोरानसराय-ढकाईच रजवाहा के अंतिम छोर से जुड़े किसानों के लिए नहर का पानी आज भी सपना बना हुआ है. वर्षों से नहर के टेल तक पानी नहीं पहुंचने के कारण किसानों को हर सीजन निजी ट्यूबवेल और बारिश के भरोसे खेती करनी पड़ रही है.

Dumraon Canal Water Crisis : बक्सर जिले के डुमरांव प्रखंड में कोरानसराय-ढकाईच रजवाहा के अंतिम छोर से जुड़े किसानों के लिए नहर का पानी आज भी सपना बना हुआ है. वर्षों से नहर के टेल तक पानी नहीं पहुंचने के कारण किसानों को हर सीजन निजी ट्यूबवेल और बारिश के भरोसे खेती करनी पड़ रही है. इस बार भी पानी की कमी से धान की रोपनी प्रभावित हो रही है.

20-25 वर्षों से टेल तक नहीं पहुंचा पानी

किसान नंदजी भारती ने बताया कि रजवाहा में कोरानसराय तक तो पानी पहुंच जाता है, लेकिन ढकाईच की ओर बढ़ते ही नहर सूखी रह जाती है. उनका कहना है कि पिछले 20 से 25 वर्षों में उन्होंने कभी भी नहर के अंतिम छोर तक पानी पहुंचते नहीं देखा. इससे किसानों की सिंचाई की समस्या लगातार बनी हुई है.

Buxar News : सैकड़ों बीघा खेती पर पड़ा असर

किसान रामपुजन गिरी, रबींद्र गिरी, सुरेंद्र गोंड और कविंद्र दूबे ने बताया कि इस रजवाहा से कई गांव जुड़े हैं. नहर में पानी नहीं आने के कारण सैकड़ों बीघा खेतों की सिंचाई निजी ट्यूबवेल और बारिश पर निर्भर है. इससे खेती की लागत बढ़ रही है और किसानों की चिंता भी बढ़ती जा रही है.

पानी नहीं मिलने से सूख रहे धान के बिचड़े

किसान नंदजी भारती ने बताया कि रोहिणी नक्षत्र में तैयार किया गया धान का बिचड़ा अब तक रोपनी के लायक नहीं हो पाया है. आद्रा नक्षत्र शुरू होने के बावजूद खेतों में पर्याप्त पानी नहीं है, जिससे रोपनी का कार्य प्रभावित हो रहा है.

गर्मी और उमस ने बढ़ाई मुश्किल

किसान सुरेंद्र गोंड ने कहा कि 37 डिग्री तापमान और उमस के बीच धान के बिचड़े को बचाना मुश्किल हो गया है. ट्यूबवेल से निकलने वाला पानी भी गर्म रहता है, जिससे फसल को अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा. वहीं किसान कविंद्र दूबे ने कहा कि अगर समय-समय पर हल्की बारिश हो जाती तो खेतों में नमी बनी रहती और बिचड़े को नुकसान नहीं होता, लेकिन बादल आने के बावजूद बारिश नहीं हो रही है.

सिंचाई व्यवस्था सुधारने की मांग

किसानों ने सिंचाई विभाग से मांग की है कि कोरानसराय-ढकाईच रजवाहा के अंतिम छोर तक नहर का पानी पहुंचाने की स्थायी व्यवस्था की जाए. उनका कहना है कि समय पर सिंचाई सुविधा मिलने से खेती आसान होगी, उत्पादन बढ़ेगा और किसानों को अतिरिक्त खर्च से राहत मिलेगी.

Also Read : भोजपुर में स्कॉर्पियो ट्रेलर से टकराई: नेपाल से घूमकर लौट रहे झारखंड के कपल समेत तीन की मौत, एक की हालत गंभीर

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Vinit Dumroan

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >