सरकारी और अर्धसरकारी कार्यालयों समेत उपभोक्ताओं पर है 293 करोड़ रुपये का बकाया

जिले के सरकारी और अर्धसरकारी कार्यालयों समेत उपभोक्ताओं पर कुल 293 करोड़ बिजली बिल का बकाया है. बहुत सारे ऐसे सरकारी महकमे हैं जो पांच से दस साल के भीतर बिजली बिल जमा नहीं किया हैं.

क्सर. जिले के सरकारी और अर्धसरकारी कार्यालयों समेत उपभोक्ताओं पर कुल 293 करोड़ बिजली बिल का बकाया है. बहुत सारे ऐसे सरकारी महकमे हैं जो पांच से दस साल के भीतर बिजली बिल जमा नहीं किया हैं. जिले के लोगों को नियमित बिजली तो चाहिए लेकिन बिल का भुगतान करने में उनकी रुचि कम है.यह समस्या केवल सामान्य उपभोक्ताओं की ही नहीं है, बल्कि अधिकारियों की भी है.सामान्य उपभोक्ताओं के साथ-साथ विभिन्न सरकारी कार्यालयों पर भी बिजली विभाग का करोड़ों रुपये का बकाया वर्षों से चले आ रहा है.. बिजली विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिले के कुल उपभोक्ताओं की संख्या लगभग तीन लाख 15 हजार है. जिनमें सरकारी दफ्तर सहित अन्य उपभोक्ताओं पर 293 करोड़ रुपये बकाया है. वही विद्युत विभाग ने एक लाख रुपये से उपर के बकायेदारों के सूची तैयार किया है. जिसमें 244 सरकारी दफ्तर सहित अन्य उपभोक्ताओं का नाम शामिल हैं. जो यह दर्शाता है कि उपभोक्ता बिजली बिल भुगतान करने में गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं. आम उपभोक्ताओं की बिजली कनेक्शन काटने की प्रक्रिया नियमित रूप से चल रही है, लेकिन सरकारी कार्यालयों के मामले में स्थिति अलग है. सरकारी कार्यालयों पर भी काफी रुपये बकाया है. सरकारी दफ्तरों में बड़े बकायेदारों में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय मनोहरचक पर सात लाख, एमपी हाई स्कूल पर साढ़े पांच लाख, इंदौर स्टेडियम पर चार लाख, कला भवन पर 3.50 लाख, गौरी शंकर मध्य विद्यालय पर 1.80 लाख, जननायक कर्पूरी ठाकुर छात्रावास पर 1.84 लाख रुपये बकाया है. वहीं अन्य उपभोक्ताओं की तैयारी सूची में विश्वामित्र अस्पताल गोलंबर पर 2.54 लाख, चाय नगरी कुंदन सिंह 2.29 लाख, चक्रामेश्वर मंडल वीर कुंवर सिंह कॉलोनी 1.50 लाख, ओम प्रकाश राय रामबाग पर एक लाख 48 हजार, रंजीत कुमार गोलियस स्कूल पर एक लाख 12 हजार, अमित केशरी पर एक लाख 16 हजार रुपये बकाया है. हरि जी पांडे नया भोजपुर पर तीन लाख 50 हजार, बासमती देवी जासो रोड पर एक लाख 30 हजार, सविता देवी जासो रोड पर एक लाख 14 हजार, राधेश्याम सिंह पांडे पट्टी पर एक लाख 20 हजार रुपये बकाया है. ऐसे बकायेदारों की फेहरिश्त काफी लंबा है. इन सभी कार्यालयों के पास लंबे समय से बकाया चल रहा है. कई सरकारी कार्यालय और बड़े बकायेदार तो पिछले पांच वर्षों से कोई भुगतान नहीं किया है. वहीं बिजली विभाग ने इस समस्या को लेकर चिंता जतायी है और कहा कि वे हर महीने नोटिस भेजते हैं लेकिन फिर भी बिजली बिल का भुगतान नहीं हो रहा है. 22 करोड़ का मिला था लक्ष्य, लेकिन अभी तक वसूली हुई 16 करोड़ रुपये की वित्तीय वर्ष 2024-25 में जिले के विद्युत विभाग को 22 करोड़ रुपये राजस्व का टारगेट विभाग के द्वारा तय किया गया था, लेकिन वित्तीय वर्ष समाप्ति की और है. ओर अभी तक मात्र 16 करोड़ राजस्व प्राप्त हुआ है. ऐसे में विभाग के लिए राजस्व वसूली चुनौती बन गया है. शेष बचे दिनों में 22 करोड़ रुपये राजस्व वसूली का लक्ष्य कैसे पूरा होगा. इसे लेकर एसडीओ और जेई को निर्देश दिया गया है कि हर हाल में टारगेट को पूरा करना है. वही नहीं बड़े बकादारों की सूची बनाकर विभाग टारगेट कर रहा है, ताकि लक्ष्य पूरा किया जा सके. इसके लिए बकादारों को नोटिस भेजा जा रहा है. अगर आप विद्युत बिल का भुगतान नहीं करते हैं, तो आपका लाइन काट दिया जायेगा. तीन माह का बिजली बिल बकाया रहने पर काटा जाता है कनेक्शन आम उपभोक्ताओं का तीन माह से अधिक बिल बकाया रहने पर कनेक्शन काट दिया जाता है. उसके बाद प्राथमिकी दर्ज कर दिया जाता है कि आप चोरी से बिजली जला रहे हैं. वही सरकारी प्रतिष्ठानों को भी नोटिस भेजा जाता है. हालांकि बहुत सारे ऐसे उपभोक्ता भी है जिनके ऊपर विद्युत विभाग का 15 से 20 हजार रुपये बकाया रहने पर बिजली का कनेक्शन काट दिया गया है. मार्च माह में 174 प्राथमिकी, 2600 उपभोक्ताओं का काटा कनेक्शन, 35 लाख का किया जुर्माना विद्युत विभाग राजस्व का टारगेट पूरा करने के लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 के अंतिम माह में छोटे से बडे बकायादारों के खिलाफ में अभियान चलाया. राजस्व का टारगेट पूरा करने के लिए 174 उपभोक्ताओं पर प्राथमिकी दर्ज कराया गया. वहीं 2600 उपभोक्ताओं का कनेक्शन काट दिया गया. इस दौरान विद्युत विभाग ने कुल 35 लाख रुपये का जुर्माना भी किया ताकि टारगेट पूरा हो सके. क्या कहते हैं अधिकारी जिले के बड़े बकायेदारों की सूची बनाकर एसडीओ और जेइ को दे दिया गया है. साथ ही निर्देश दिया गया है कि बड़े बकायादारों पर प्राथमिकी कराया जाये. बड़े बकायेदारों से वसूली को लेकर प्रतिदिन समीक्षा किया जाता है कि पूरे दिन में कितने बकायेदारों पर कार्रवाई किया गया. तेज प्रताप सिंह, कार्यपालक अभियंता विद्युत विभाग, बक्सर

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By Amlesh prasad

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