Buxar News: 23वें राज्य सम्मेलन में गोपगुट ने संविदा-आउटसोर्स कर्मियों की सेवा स्थायी करने की उठायी मांग

इस दौरान कर्मचारी व शिक्षकों को उनके बताये रास्ते पर चलकर समाज में नई सामाजिक क्रांति लाने का आह्वान किया गया.

बक्सर

. बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ गोप गुट का नगर भवन में तीन दिवसीय 23वां राज्य सम्मेलन के दूसरे दिन समाज सुधारक, महिलाओं, पिछड़ों, दलितों के मसीहा ज्योति बा फुले के 198वें जन्मदिन पर उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें याद किया गया. इस दौरान कर्मचारी व शिक्षकों को उनके बताये रास्ते पर चलकर समाज में नई सामाजिक क्रांति लाने का आह्वान किया गया.

सम्मेलन में विभिन्न जिलों से आये हुए प्रतिनिधियों प्रेक्षकों ने कर्मचारियों-शिक्षकों के समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की. महासंघ के महासचिव प्रेमचंद कुमार सिन्हा एवं राज्य सचिव लवकुश सिंह ने बताया कि दूसरे दिन शुक्रवार को राज्य सम्मेलन की कार्यवाही प्रातः दस बजे जनवादी गीत एवं ज्योति बा फुले के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर शुरू हुई. महासचिव एवं कोषाध्यक्ष के प्रतिवेदन पर विभिन्न जिलों एवं महासंघ गोप गुट से सम्बद्ध संघ यूनियन के प्रतिनिधि- प्रेक्षक ने विचार रखा. महासचिव के प्रतिवेदन पर सभी प्रतिनिधियों की जाेरदार तरीके से बहस हो रही है. वहीं दूसरे दिन भी प्रतिवेदन पर बहस की गई. जिसपर बहस जारी है. अतिथि के रूप में आये हुए पुरानी पेंशन के लिए संघर्ष करने वाले प्रमुख संगठन एनएमओपीएस के प्रदेश महासचिव शशि भूषण कुमार ने राज्य सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए एनपीएस -यूपीएस रद्द करने एवं ओपीएस बहाल कराने हेतु संघर्ष तेज करने की अपील किया. संविदा -आउटसोर्स- दैनिक वेतन भोगी कर्मियों की सेवा नियमित करने, पुरानी पेंशन बहाल करने, आशा- ममता-विद्यालय रसोइया को सम्मानजनक मानदेय देने, किसान सलाहकारों को जनसेवक में समायोजन करने, कार्यपालक सहायकों, डाटा एंट्री ऑपरेटर, आईटीआई -पोलिटेक्निक – इंजीनियरिंग कॉलेज में कार्यरत अनुदेशक की सेवा स्थायी करने, राजस्व कर्मचारी -पंचायत सचिव को गृह जिला में पदस्थापित करने, सम्मानजनक पे लेवल स्वीकृत करने, डीएमसीएच के छात्रावास कर्मियों को आउटसोर्स के बदले सेवा स्थायी करने, नियोजित शिक्षकों को कालबद्ध प्रोन्नति देने, आईटीआई में वरीयता के आधार पर उप प्राचार्य में प्रोन्नति देने, आंगनवाड़ी सेविका- सहायिका को राज्यकर्मी घोषित करने, महिला पर्यंवेक्षिका, लोहिया स्वच्छ अभियान के तहत काम करने वाले प्रखंड समन्वयक, स्वच्छता पर्यवेक्षक, स्वच्छता कर्मी को राज्यकर्मी घोषित करने, शिक्षकों को प्रधान शिक्षक में प्रोन्नति देने, वन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, सिंचाई विभाग में काम करने वाले दैनिक – मौसमी कर्मियों – उमीदवार पिउन को सरकारी सेवा में समायोजित करने, आउटसोर्स पर काम करने वाले कर्मियों को सीधे विभाग में समायोजित करने, पुलिस चतुर्थ वर्गीय कर्मियों को अन्य पुलिस कर्मियों की भांति एक अतिरिक्त माह का वेतन देने एवं विराम भत्ता 180 तक देने की मांग जोरदार तरीके से उठाया गया. इस राज्य सम्मेलन के प्रतिनिधि सत्र के दूसरे दिन प्रमुख रूप से महासंघ गोप गुट जिला शाखा सुपौल- विनोद कुमार, सिवान के जिला सचिव भरत यादव, बक्सर जिला सचिव महेंद्र प्रसाद, शिक्षक नेता नागेंद्र सिंह, ब्रजराज चौधरी, प्रदीप कुमार पप्पू, बुधन सिंह, नवल किशोर सिंह, सुरेंद्र कुमार सिंह, संविदा एएनएम के संघर्ष के नेता अर्चना कुमारी, खगड़िया एवं आशा कार्यकर्त्ता के नेता कविता कुमारी, विद्यावती पाण्डेय, चिकित्सा संघ के नेता राजीव कुमार अखौरी, चंद्र भूषण चौधरी, संतोष कुमार उर्फ गुड्डू पासवान, भागलपुर के जिला सचिव श्यामनंदन सिंह, पूर्णिया के अध्यक्ष पवन कुमार जयसवाल, कटिहार के जिला सचिव सुदामा प्रसाद, दरभंगा के नेता संतोष मण्डल, पथ एवं भवन निर्माण विभाग के नेता फकरुद्दीन अली अहमद, बीएमओए के महासचिव मो. सैयद आलम, कार्यपालक सहायक के नेता दीनानाथ सिंह, चौकीदार दफादार संघ के नेता अवधेश पासवान, रामानंद सिंह, राष्ट्रीय महिला शिक्षक फेडरेशन के नेता अंजू कुमारी, किरण भारती, सोन नहर परियोजना के नेता सुरेश सिंह, कैमूर के जिला अध्यक्ष विद्या सागर प्रभाकर, भोजपुर जिला के धर्म कुमार राम, पटना जिला के अविनाश कुमार पवन आदि प्रमुख नेताओं ने संबोधित किया. पुरानी पेंशन बहाली, ठीका-मानदेय-आउटसोर्स पर रोक एवं सामाजिक सुरक्षा की गारंटी, स्कीम वर्कर को गुलामों की तरह खटाने पर रोक एवं सरकारी कर्मी का दर्जा तथा ओपीएस, ग्रेच्युटी, समान काम- समान वेतन लागू करने, कर्मचारी-शिक्षकों के लंबित समस्याओं के महत्वपूर्ण विषय पर व्यापक चर्चा शुक्रवार को भी जारी रहा. महासचिव के प्रतिवेदन पर सभी प्रतिनिधियों की जोर शोर से बहस जारी है. वहीं आज शनिवार 12 अप्रैल को राज्य सम्मेलन के दो दिनों तक हुई प्रतिनिधि सत्र में तीसरे दिन की प्रतिनिधि सत्र में हुई चर्चा पर महासचिव एवं कोषाध्यक्ष द्वारा अंतिम रूप से विचार रखा जायेगा. तीसरे दिन व समापन सत्र में संगठन के विस्तार पर विचार विमर्श होगा तत्पश्चात अगले सत्र के लिए नई कमिटी का गठन किया जायेगा.

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By RAVIRANJAN KUMAR SINGH

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