बक्सर
लोक व आस्था का पर्व सतुआन संक्रांति पर सोमवार को जिले के विभिन्न गंगा घाटों पर काफी संख्या में श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगायी. सतुआन स्नान के लिए न केवल जिले से बल्कि समीप के उत्तर प्रदेश एवं समीपवर्ती जिलों से काफी संख्या में श्रद्धालु रामरेखाघाट पर गंगा स्नान करने के लिए पहुंचे. जहां स्नान के बाद सत्तू एवं आम दान किया गया. सत्तुआन स्नान को लेकर एक दिन पहले ही दूर दराज से काफी संख्या में महिला श्रद्धालु रामरेखाघाट पहुंच गये थे. सतुआन पर्व नये अन्न के उत्सव के रूप में मनाया जाता है. जिसे मनाने के उदेश्य से अहले सुबह ही गंगा में स्नान के लिए दूर दराज से श्रद्धालुओं की भीड़ लग गयी. गंगा स्नान देर शाम तक चलता रहा. स्नान के बाद श्रद्धालु अपनी इच्छानुसार सत्तु, गुड़ एवं नमक के साथ प्रसाद के रूप में ग्रहण किया. सत्तुआन स्नान एवं दान के लिए सबसे अधिक भीड़ ऐतिहासिक रामरेखा घाट पर रहा. इसके साथ ही नगर के नाथ घाट, सती घाट, सिद्धनाथ, लक्ष्मीनारायण घाट, फुआ घाट, पुलिया घाट, शिवाला घाट समेत अन्य घाटों श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिली. जहां अफरातरफरी की स्थिति रही. वहीं पुलिस प्रशासन की तरफ से सुरक्षा के बंदोबस्त किये गये थे. घाटों पर स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक दान पुण्य भी किया. इस दौरान शहर के विभिन्न मंदिरों में भी भारी भीड लगी रही. मंदिरों में लोगों ने श्रद्धापूर्वक पूजन-अर्चना किया. मान्यता के अनुसार सतुआन के दिन ही लोग आम का सेवन करते है. जिससे इसकी भारी मांग रही. सतुआ खाने की परंपरा का भी लोगों ने बखूबी निर्वहन किया. घाट पर स्नान करने के बाद श्रद्धालुओं ने घाट पर ही सतुआ व आम का सेवन किया. सत्तुआन के दिन गांवों में सुबह में स्नान करने के बाद सतुआ और आम का दान किया गया. बाजारों में बिके सत्तु व आमसतुआन पर्व को लेकर विभिन्न गंगा घाटाें पर देर रात से ही आम और सत्तू की दुकानें सज गई थी. जहां श्रद्धालुओं ने जमकर खरीदा. सत्तुआन के कारण बाजार में रौनक बढ गये थे. रामरेखाघाट पर ज्यादा भीड रही. जिससे रामरेखाघाट पर अव्यवस्था कायम रही. सत्तू और आम आदि सामान की दुकानों पर खरीदारी का तांता लगा रहा. वहीं दुकानदारों ने बताया कि आम की कीमत 60 से 100 रूपये प्रतिकिलो की दर से छोटे आम बिके. वहीं विभिन्न प्रकार के सत्तू की कीमत 110 रुपये लेकर 120 रुपये तक बाजारों में बिका. दुकानदारों ने बताया कि आज के दिन ही आम और सत्तू का महत्व है. रामरेखाघाट रोड पर वाहनों का प्रवेश रहा प्रतिबंधित : सत्तुआन की भीड को लेकर रामरेखाघाट रोड पर वाहनों के प्रवेश को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया था. जिससे श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पडे. वहीं वीर कुंवर सिंह चौक के साथ ही रामरेखाघाट नाथ बाबा घाट पर काफी संख्या में महिला एवं पुरूष सुरक्षा कर्मियों को लगाया गया था. जिससे किसी भी प्रकार की अव्यवस्था कायम न हो सके. यदि हो तो तुरंत व्यवस्थित किया जा सके. वहीं चौसा में चौसा. नगर समेत प्रखंड के विभिन्न भागों में सोमवार को कर्क संक्रांति सतुआन पर्व आस्था के साथ मनाया गया. सतुआनी स्नान को लेकर नगर स्थित रानी घाट, बारामोड़, दुर्गामंदिर, बाजार घाट के साथ महादेवा घाटों पर पवित्र गंगा नदी में डुबकी लगाने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ दिनभर लगी रही. हजारों श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगा दानपूण्य कर कर्क संक्रांति के दिन पुण्य के भागी बने. वहीं अपने अपने घरों में जाकर नया अन्न का सत्तू व आम का प्रसाद चढ़ा उसका आनंद लिया. सोमवार को चौसा बाजार में आयोजित मेले का आनंद भी श्रद्धालुओं ने खूब उठाया.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
