Buxar News : बक्सर जिले के चौसा नगर स्थित प्रसिद्ध अल्लाह-शहीद की मजार पर मंगलवार से दो दिवसीय सलाना उर्स का शुभारंभ श्रद्धा और उल्लास के साथ हुआ. पहले ही दिन हजारों अकीदतमंदों ने मजार पर चादरपोशी कर अमन-चैन, खुशहाली और परिवार की सलामती की दुआ मांगी. मेले में बिहार के कई जिलों के अलावा उत्तर प्रदेश और झारखंड से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे.
आस्था का केंद्र बनी अल्लाह-शहीद की मजार
चौसा रेलवे स्टेशन के पूर्व चौसा-धनसोई मार्ग स्थित मजार पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी. लोगों ने गुलाब की चादर चढ़ाई, फातिहा पढ़ी और अपनी मन्नतें मांगीं. स्थानीय मान्यता है कि सच्चे मन से दुआ मांगने वालों की हर मुराद यहां पूरी होती है, इसलिए हर वर्ष यहां विशाल उर्स और मेले का आयोजन होता है.
यूपी-झारखंड समेत कई जिलों से पहुंचे श्रद्धालु
उर्स में बक्सर, कैमूर, भोजपुर, रोहतास और औरंगाबाद के अलावा उत्तर प्रदेश और झारखंड के विभिन्न जिलों से भी बड़ी संख्या में अकीदतमंद पहुंचे. श्रद्धालुओं ने इसे सांप्रदायिक सौहार्द और आपसी भाईचारे का प्रतीक बताते हुए कहा कि यहां सभी धर्मों के लोग एक साथ आकर माथा टेकते हैं.
रेलवे ट्रैक होने से सुरक्षा के विशेष इंतजाम
मजार तक पहुंचने का रास्ता रेलवे ट्रैक से होकर गुजरने के कारण आयोजकों ने पहले ही दानापुर रेल मंडल को सूचना दी थी. सुरक्षा के मद्देनजर ट्रेनों की रफ्तार धीमी कराई गई, जबकि भीड़ नियंत्रण के लिए स्वयंसेवकों और प्रशासन की विशेष व्यवस्था की गई.
कव्वाली और मेले ने बढ़ाई रौनक
दिनभर चादरपोशी के बाद रात में कव्वाली और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया. मेले में झूले, खान-पान की दुकानें और स्थानीय कारीगरों के स्टॉल लोगों के आकर्षण का केंद्र बने रहे. आयोजकों के अनुसार इस वर्ष पिछले साल की तुलना में श्रद्धालुओं की संख्या अधिक रही. दो दिवसीय उर्स का समापन बुधवार को होगा.
