Buxar News : भोजपुर वन प्रमंडल के अंतर्गत बक्सर वन क्षेत्र में कैंपा योजना के तहत कार्यरत वन श्रमिकों की मजदूरी लंबे समय से लंबित रहने का मामला सामने आया है. श्रमिकों का कहना है कि जून 2025 से अब तक उन्हें मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया है. लंबे समय से भुगतान नहीं मिलने के कारण श्रमिकों के परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं. समस्या के समाधान और लंबित मजदूरी के भुगतान की मांग को लेकर वन श्रमिकों की ओर से रेंजर को आवेदन सौंपा गया है.
जून 2025 से नहीं मिली मजदूरी
प्रमंडल मंत्री भोजपुरी के सुरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि कैंपा योजना के तहत बक्सर वन क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर वृक्षारोपण और उससे जुड़े कार्यों में बड़ी संख्या में वन श्रमिक काम कर रहे हैं. उनका दावा है कि इन श्रमिकों को जून 2025 से अब तक मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया है. लंबे समय से मजदूरी नहीं मिलने से श्रमिकों की आर्थिक स्थिति खराब होती जा रही है.
परिवार के सामने भोजन का संकट
श्रमिकों की ओर से बताया गया कि नियमित मजदूरी नहीं मिलने से कई परिवारों के सामने रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो गया है. श्रमिकों का कहना है कि लंबे समय से भुगतान अटका रहने के कारण परिवार की आर्थिक स्थिति गंभीर हो गयी है और कई लोगों को भोजन तक की व्यवस्था में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
बच्चों की पढ़ाई और इलाज पर भी असर
वन श्रमिकों ने बताया कि मजदूरी नहीं मिलने से बच्चों की पढ़ाई-लिखाई का खर्च उठाना मुश्किल हो रहा है. वहीं परिवार के किसी सदस्य के बीमार पड़ने पर इलाज और दवा के लिए भी आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. रोजाना मजदूरी के सहारे परिवार चलाने वाले श्रमिकों के लिए लंबे समय तक भुगतान लंबित रहना बड़ी समस्या बन गयी है.
लंबित मजदूरी के भुगतान की मांग
रेंजर को सौंपे गये आवेदन में श्रमिकों ने जून 2025 से लंबित मजदूरी का जल्द भुगतान कराने की मांग की है. इसके साथ ही कैंपा योजना के तहत काम करने वाले श्रमिकों की अन्य समस्याओं का भी समाधान कराने का आग्रह किया गया है. श्रमिकों ने वन विभाग से मामले में जल्द पहल कर आर्थिक राहत दिलाने की मांग की है.
अनुभवी श्रमिकों को प्राथमिकता देने की मांग
आवेदन के माध्यम से भविष्य में जिन स्थानों पर वृक्षारोपण और उससे जुड़े कार्य कराये जाएं, वहां अनुभवी और वरीय वन श्रमिकों को प्राथमिकता के आधार पर काम देने की मांग भी की गयी है. श्रमिकों का कहना है कि लंबे समय से वन विभाग से जुड़े कार्यों में योगदान देने वाले मजदूरों को काम के अवसर में प्राथमिकता मिलनी चाहिए.
वन विभाग से जल्द कार्रवाई की उम्मीद
वन श्रमिकों ने कहा कि मजदूरी का भुगतान उनके परिवार की आजीविका से सीधे जुड़ा हुआ है. इसलिए विभाग को लंबित भुगतान की प्रक्रिया जल्द पूरी करनी चाहिए. आवेदन के माध्यम से श्रमिकों ने अपनी समस्याओं पर तत्काल संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है.
