Bihar Band In Buxar : बक्सर में बिहार बंद के आह्वान का असर साफ तौर पर देखने को मिला, जहां हजारों की संख्या में छात्र और युवा सड़कों पर उतर आए. सुबह से ही शहर का माहौल आंदोलनकारी रंग में नजर आया और किला मैदान से शुरू हुआ विरोध मार्च पूरे शहर में चर्चा का केंद्र बन गया. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था, NEET परीक्षा में कथित गड़बड़ी और केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया.
किला मैदान से निकला यह विशाल जुलूस धीरे-धीरे शहर के प्रमुख रास्तों से गुजरता हुआ आगे बढ़ता गया. पीपरपति रोड, पुलिस चौकी और यमुना चौक होते हुए यह मार्च ज्योति प्रकाश चौक पहुंचा, जहां अंत में यह एक बड़ी सभा में तब्दील हो गया. पूरे रास्ते प्रदर्शनकारियों के हाथों में बैनर और पोस्टर नजर आए, जिन पर सरकार विरोधी नारे लिखे थे.
Student Protest : नारों से गूंजा पूरा शहर
प्रदर्शन के दौरान "केंद्रीय शिक्षा मंत्री इस्तीफा दो", "पेपर लीक बंद करो" और "NEET है कि चीट" जैसे नारों से पूरा इलाका गूंज उठा. प्रदर्शनकारी लगातार केंद्र सरकार, राष्ट्रीय परीक्षा प्रणाली और NTA के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे थे. छात्रों का कहना था कि परीक्षा व्यवस्था में लगातार गड़बड़ियां सामने आ रही हैं, जिससे उनका भविष्य प्रभावित हो रहा है.
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Buxar Police : प्रशासन पूरी तरह रहा अलर्ट
इस बड़े विरोध मार्च को देखते हुए जिला प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क नजर आया. जुलूस के आगे और पीछे भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था. सदर SDM और SDPO खुद मौके पर मौजूद रहकर सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी कर रहे थे. इसके अलावा पूरे मार्च पर ड्रोन कैमरे से भी नजर रखी जा रही थी, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना से समय रहते निपटा जा सके.
ज्योति प्रकाश चौक पर धरना
जुलूस जब ज्योति प्रकाश चौक पहुंचा, तो वहां छात्र और युवा संगठनों के कार्यकर्ता सड़क पर बैठ गए और धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया. इस दौरान काफी देर तक नारेबाजी होती रही. प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और छात्रों के हितों की रक्षा की मांग को जोरदार तरीके से उठाया.
लाठीचार्ज के विरोध में उभरा आक्रोश
छात्र संगठनों के नेताओं ने कहा कि पटना में छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में ही बिहार बंद बुलाया गया है. उनका आरोप था कि छात्रों की लोकतांत्रिक आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा कि यह आंदोलन सिर्फ बक्सर तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे राज्य में चल रहा है.
केंद्रीय मंत्री के इस्तीफे की मांग तेज
प्रदर्शन के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी जोर पकड़ती नजर आई. प्रदर्शनकारियों का कहना था कि बार-बार हो रहे पेपर लीक और परीक्षा विवादों की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए. साथ ही NTA को समाप्त करने, परीक्षा प्रणाली में बड़े स्तर पर सुधार लागू करने और आंदोलन के दौरान गिरफ्तार छात्रों की बिना शर्त रिहाई की मांग भी उठाई गई.
अंत में प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रगान के साथ अपने आंदोलन को समाप्त किया, लेकिन पूरे घटनाक्रम ने साफ कर दिया कि छात्रों में आक्रोश अभी थमा नहीं है.
