डुमरांव से विनीत कुमार मिश्रा की रिपोर्ट
Buxar News : डुमरांव प्रखंड के कुशलपुर पंचायत स्थित नेनुआ गांव में समाजसेवी विंध्याचल पाठक के अनोखे प्रयास से डेढ़ किलोमीटर तक मिट्टी भराई कर नव निर्माण कच्ची सड़क तैयार कराई गई है. विंध्याचल पाठक ने बताया कि अपने निजी कोष से करीब 5 लाख रुपए की लागत से बनाई गई इस कच्ची सड़क के बन जाने से डुमरांव और राजपुर दो विधानसभा क्षेत्र आपस में सीधे जुड़ गए हैं.
इस सड़क के बनने से स्थानीय ग्रामीणों और खासकर क्षेत्र के किसानों व बच्चों की आंखों में खुशी साफ देखी जा रही है.
वर्षों की बड़ी परेशानी खत्म
समाजसेवी विंध्याचल पाठक ने बताया कि नेनुआ गांव स्थित शंकर भगवान के मंदिर से लेकर कब्रिस्तान तक बनाई गई इस कच्ची सड़क से लोगों को भारी राहत मिली है. इस मार्ग के नहीं होने के कारण ग्रामीण वर्षों से बेहद परेशान थे.
कई गांवों का संपर्क हुआ सुगम
मिट्टी भराई का कार्य पूरा होने के बाद अब नेनुआ, कुदरिया, भरखरा, मुंगासी, पंडितपुर, चुआड़ और अटाव सहित कई अन्य गांवों का आपसी संपर्क पूरी तरह सुगम हो जाएगा. इससे पहले इन गांवों के लोगों के पास मुख्य सड़क तक पहुंचने का कोई सीधा और सुव्यवस्थित रास्ता उपलब्ध नहीं था.
कीचड़ से मिलती थी मुक्ति
विगत वर्षों में बरसात के दिनों में रास्ते पर अत्यधिक कीचड़ और जलजमाव हो जाने के कारण स्कूली बच्चों और महिलाओं को अपने हाथ में चप्पल लेकर आवागमन करने के लिए मजबूर होना पड़ता था. यही नहीं, गांव में अचानक किसी के बीमार होने पर मरीज को खाट के सहारे अस्पताल ले जाना भी बेहद मुश्किल भरा काम था. ग्रामीण लंबे समय से एक सुलभ रास्ते की मांग कर रहे थे, जिसे आखिरकार एक समाजसेवी ने अपने निजी प्रयासों से पूरा कर दिखाया है.
किसानों ने किया भूमि दान
समाजसेवी विंध्याचल पाठक ने बताया कि “सड़क जोड़ो अभियान” के तहत उन्होंने अपने निजी खर्च से इस सड़क निर्माण का कार्य शुरू कराया था. इस पुनीत कार्य में क्षेत्र के किसानों ने भी आगे बढ़कर और एकजुट होकर अपना भरपूर सहयोग दिया.
किसानों ने दान में दी जमीन
इलाके के कई किसानों ने तो सड़क निर्माण के लिए अपनी बहुमूल्य जमीन तक स्वेच्छा से दान में दे दी, जिसके बाद ही इस सड़क का निर्माण संभव हो पाया. उन्होंने जमीन देने वाले सभी किसान भाइयों का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद दिया.
जमीन दान करने वाले किसान
सड़क बनाने के लिए स्वेच्छा से अपनी-अपनी जमीन का अंशदान करने वाले प्रमुख लोगों में बसाव मठिया के महराज, पिंटू तिवारी, दादुल तिवारी, रामबिहारी तिवारी, विजय पाठक, हरि जी पाठक, नंदेश्वर पाठक, गजेंद्र पाठक, यमुना पाठक, मदनेश, नागेश, महराजा जी पाठक, खुटुर पाठक, संतोष पाठक, छोटे तिवारी और लल्लू महराजा जी सहित दर्जनों ग्रामीण शामिल हैं.
इन सभी लोगों ने सामाजिक सरोकार को सर्वोपरि रखते हुए बिना किसी विवाद के अपनी जमीन सड़क के लिए उपलब्ध कराई.
जनप्रतिनिधि से बेहतर किया काम
इस सराहनीय कार्य पर ग्रामीण अमीत तिवारी, हनुमान तिवारी, अशोक तिवारी, प्राथमिक स्कूल के शिक्षक गण, विजय पाठक, हरेंद्र राम, दिलीप राम, संतोष पाठक, बीरबल यादव, आलम, साबीर मियां, संजय पाठक, वीर बहादुर साह, गौतम साह और बनवारी माली ने बताया कि अब खेतों से धान-गेहूं लेकर मुख्य मंडी जाना बेहद आसान हो जाएगा.
स्कूली बच्चों के लिए बड़ी राहत
इसके साथ ही स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों को भी आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी. स्थानीय लोगों ने विंध्याचल पाठक की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए उन्हें “गांव का मसीहा” बताया और कहा कि एक जनप्रतिनिधि से ज्यादा काम अकेले एक समाजसेवी ने कर दिखाया है.
Also Read : बिहार सिपाही भर्ती परीक्षा के लिए बक्सर से चलेगी स्पेशल ट्रेन, जानिए टाइम टेबल और रूट
