Buxar News (मनीष मिश्र): पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर सारिमपुर-अहिरौली स्थित मां गंगा के तट पर अवस्थित श्रीवरदराज मंदिर प्रांगण में मंगलवार को श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ, अष्टोत्तर-सहस्र ताम्र कलशाभिषेक एवं श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ का भव्य शुभारंभ कलश यात्रा के साथ हुआ. वैदिक मंत्रोच्चार, भक्ति संगीत और जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा.
महायज्ञ के शुभारंभ अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु, मातृशक्ति एवं सनातन धर्म प्रेमी शामिल हुए. कलश यात्रा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक उत्साह का माहौल देखने को मिला.
26 से 30 मई तक चलेगा महायज्ञ
अनंतकोटि ब्रह्मांडनायक देवाधिदेव भगवान श्रीवरदराज की कृपा तथा परम पूज्य श्री श्री 1008 स्वामी श्री वेंकटाचार्य महाराज के पावन संकल्प से उनके चरणाश्रित महंत श्री श्री 108 स्वामी मधुसूदनाचार्य जी महाराज के सान्निध्य में इस दिव्य आयोजन का आयोजन किया जा रहा है. यह महायज्ञ 26 मई से प्रारंभ होकर 30 मई 2026 को पूर्णाहुति एवं विशाल भंडारे के साथ संपन्न होगा.
सनातन चेतना के जागरण का महापर्व
इस दौरान विश्वामित्र सेना के राष्ट्रीय संयोजक राजकुमार चौबे भी श्रद्धापूर्वक महायज्ञ में शामिल हुए और संत-महात्माओं का आशीर्वाद प्राप्त किया. उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति और वैदिक परंपराएं भारत की आत्मा हैं. मां गंगा के तट पर आयोजित यह महायज्ञ केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सनातन चेतना के जागरण का महापर्व है. ऐसे आयोजनों से समाज में आध्यात्मिक ऊर्जा, सांस्कृतिक एकता और धर्म के प्रति आस्था का विस्तार होता है. उन्होंने कहा कि विश्वामित्र सेना सदैव सनातन धर्म एवं भारतीय संस्कृति के संरक्षण और जागरण के लिए समर्पित रहेगी.
