Buxar News: (मृत्युंजय सिंह) बक्सर जिले में पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर सारिमपुर-अहिरौली स्थित मां गंगा तट पर अवस्थित श्री वरदराज मंदिर परिसर में मंगलवार को श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ, अष्टोत्तर-सहस्र ताम्र कलशाभिषेक एवं श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ.
संतों के सान्निध्य में हो रहा आयोजन
अनंतकोटि ब्रह्मांडनायक भगवान श्रीवरदराज की कृपा एवं परम पूज्य स्वामी वेंकटाचार्य महाराज के संकल्प से आयोजित इस दिव्य महायज्ञ का संचालन उनके शिष्य स्वामी मधुसूदनाचार्य जी महाराज के सान्निध्य में किया जा रहा है.
भक्तिमय माहौल में निकली कलश यात्रा
कलश यात्रा में श्रद्धालुओं, महिलाओं और सनातन धर्म प्रेमियों की भारी भीड़ उमड़ी. वैदिक मंत्रोच्चार, भक्ति संगीत और जयघोष से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा. श्रद्धालु सिर पर कलश लेकर पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ यात्रा में शामिल हुए.
सनातन चेतना के जागरण का महापर्व
राजकुमार चौबे ने यज्ञ में शामिल होकर संत-महात्माओं का आशीर्वाद लिया. उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति और वैदिक परंपराएं भारत की आत्मा हैं. मां गंगा के तट पर आयोजित यह महायज्ञ केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सनातन चेतना के जागरण का महापर्व है.
उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज में आध्यात्मिक ऊर्जा, सांस्कृतिक एकता और धर्म के प्रति आस्था मजबूत होती है. विश्वामित्र सेना सदैव सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति के संरक्षण के लिए समर्पित रहेगी.
30 मई को होगी पूर्णाहुति
आयोजकों ने बताया कि यह महायज्ञ 26 मई 2026 से प्रारंभ होकर 30 मई 2026 को पूर्णाहुति और विशाल भंडारे के साथ संपन्न होगा. यज्ञ के दौरान प्रतिदिन प्रवचन, भजन-कीर्तन और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जाएगा.
