राजपुर से पंकज कमल की रिपोर्ट :
Buxar News: शिक्षा विभाग निदेशालय के निर्देशानुसार गठित तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच टीम ने बुधवार को प्रखंड के विभिन्न संस्कृत विद्यालयों और एक मदरसे की जांच की. इस दौरान अधिकारियों ने स्कूलों की जमीनी हकीकत का जायजा लिया. साथ ही बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कई अहम दस्तावेजों की भी जांच की गई.
बुनियादी ढांचे और प्रशासनिक व्यवस्था की जानकारी ली
इस विशेष जांच टीम में बीडीओ सिद्धार्थ कुमार, बीईओ सुरेश प्रसाद और राजपुर उच्च विद्यालय के एचएम अशोक कुमार पांडेय शामिल थे. टीम ने संस्कृत प्राथमिक सह मध्य विद्यालय कजरिया, रामाधीन मिश्र संस्कृत सह माध्यमिक विद्यालय देवढ़िया तथा मदरसा स्कूल खीरी के बुनियादी ढांचे और प्रशासनिक व्यवस्था की जानकारी हासिल की.
जांच के दौरान स्कूलों की आधारभूत संरचना (इन्फ्रास्ट्रक्चर), उपलब्ध भूमि, कमरों की संख्या और उनकी वर्तमान स्थिति की गहन समीक्षा की गई. इसके साथ ही संस्थानों की स्थापना वर्ष, शिक्षकों और अन्य कर्मियों की नियुक्ति से जुड़े दस्तावेजों तथा प्रशासनिक व्यवस्थाओं के विभिन्न पहलुओं की भी विस्तृत जांच की गई.
बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी
संस्कृत प्राथमिक सह मध्य विद्यालय कजरिया और रामाधीन मिश्र संस्कृत सह माध्यमिक विद्यालय देवढ़िया में बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी पाई गई. दोनों विद्यालयों में पर्याप्त कमरों और सुदृढ़ भवन की व्यवस्था नहीं थी. अधिकारियों ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि भवन की जर्जर या अपर्याप्त स्थिति के कारण छात्रों की पठन-पाठन व्यवस्था प्रभावित होने की पूरी आशंका है.
बीईओ सुरेश प्रसाद ने बताया कि विभाग की ओर से मिले विहित प्रपत्र में रिपोर्ट तैयार कर जल्द ही शिक्षा विभाग को सौंप दी जाएगी. इस मौके पर पूर्व बीआरपी विनोद पाण्डेय और संबंधित विद्यालयों के शिक्षक भी मौजूद रहे.
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