बिहार में उद्घाटन से पहले ही क्षतिग्रस्त हुआ रेलवे ओवर ब्रिज, लोहे की प्लेटों से ढका गया हिस्सा, आवागमन पर रोक

Buxar News: बक्सर में बहुप्रतीक्षित इटाढ़ी रेलवे ओवरब्रिज उद्घाटन से पहले ही क्षतिग्रस्त, जाम से राहत की जगह बढ़ी परेशानी; भ्रष्टाचार बनाम ओवरलोड की बहस तेज.

Buxar News: (आशुतोष कुमार सिंह) बक्सर जिले के इटाढ़ी रेलवे गुमटी पर करीब 26.40 करोड़ रुपये की लागत से बना रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) उद्घाटन से पहले ही क्षतिग्रस्त हो गया. महज चार दिन पहले चालू किए गए इस पुल का पाया संख्या 14 पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, जिसके बाद प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से आवागमन बंद कर दिया है. घटना के बाद क्षतिग्रस्त हिस्से को लोहे की प्लेटों से ढक दिया गया है, जिससे लोगों में आक्रोश और भी बढ़ गया है. वर्षों के संघर्ष और धरना-प्रदर्शन के बाद बने इस पुल से जाम की समस्या खत्म होने की उम्मीद थी, लेकिन अब स्थिति और गंभीर हो गई है.

बरसों की समस्या फिर हुई कायम

यह आरओबी बक्सर को इटाढ़ी और धनसोई क्षेत्र से जोड़ने के लिए बनाया गया था. इसका मुख्य उद्देश्य रेलवे क्रॉसिंग पर लगने वाले जाम से राहत दिलाना था. हैरानी की बात यह है कि इस पुल का शिलान्यास चार बार किया गया था. लंबे इंतजार और विरोध के बाद इसे शुरू किया गया, लेकिन चार दिन भी नहीं टिक सका. अब पुल बंद होने और रेलवे क्रॉसिंग के स्थायी रूप से बंद हो जाने के कारण आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है. लोगों का कहना है कि वर्षों का सपना कुछ ही घंटों में टूट गया.

भ्रष्टाचार बनाम ओवरलोड—दो दावे

घटना के बाद स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य में भारी भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि निर्माण की गुणवत्ता शुरू से ही संदिग्ध थी. वहीं, निर्माण से जुड़े लोगों का दावा है कि पुल के क्षतिग्रस्त होने का कारण ओवरलोड ट्रकों का दबाव है, जिससे पाया संख्या 14 कमजोर होकर टूट गया.

प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल

पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद प्रशासन ने पूरे इलाके को सील कर दिया और आम लोगों व मीडिया को मौके पर जाने से रोक दिया गया. क्षतिग्रस्त हिस्से को जल्दबाजी में लोहे की प्लेट से ढक दिया गया, जिस पर स्थानीय लोगों ने नुकसान छिपाने का आरोप लगाया है. इस घटना से बक्सर-इटाढ़ी-धनसोई मार्ग पर यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया है. वैकल्पिक मार्गों पर भी दबाव बढ़ गया है.

बिहार में पुलों पर उठते सवाल

राज्य में पिछले कुछ वर्षों में कई पुलों के गिरने या क्षतिग्रस्त होने की घटनाएं सामने आई हैं. इटाढ़ी आरओबी की घटना ने एक बार फिर निर्माण गुणवत्ता और निगरानी प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. स्थानीय लोगों और विपक्ष ने मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है. साथ ही निर्माण एजेंसी और संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने की मांग भी जोर पकड़ रही है.

लोगों में भारी आक्रोश

घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है. उनका कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद पुल का इस तरह क्षतिग्रस्त होना गंभीर लापरवाही का परिणाम है. लोगों ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है.

Also Read: आरा में फायर सेफ्टी की बड़ी लापरवाही उजागर, तंग गलियां बनी खतरा, हर साल करोड़ों का नुकसान

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Ragini Sharma

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >