Buxar News: (ओंकार नाथ मिश्र) बेगूसराय सड़क हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा की गंभीर खामियों को उजागर कर दिया है. बक्सर जिले में भी हालात अलग नहीं हैं. यहां राष्ट्रीय राजमार्गों और मुख्य सड़कों पर अवैध रूप से खड़े भारी वाहन हर समय दुर्घटनाओं को आमंत्रण दे रहे हैं.
प्रमुख सड़कों पर बन रहे ब्लैक स्पॉट
बक्सर-पटना एनएच-922 पर लाइन होटलों और ढाबों के बाहर बिना किसी सुरक्षा संकेत के ट्रकों की लंबी कतारें खड़ी रहती हैं. वहीं बक्सर-कोचस और डुमरांव-विक्रमगंज मार्ग पर भी ट्रैक्टर और मालवाहक वाहन सड़कों पर ही पार्क कर दिए जाते हैं. खासकर रात के समय, जिससे खतरा और बढ़ जाता है.
पार्किंग व्यवस्था नहीं, सड़क ही बन रही ठिकाना
जिले में भारी वाहनों के लिए व्यवस्थित पार्किंग जोन का अभाव है. चालक भोजन और आराम के लिए अपनी गाड़ियां हाईवे की मुख्य लेन पर ही छोड़ देते हैं. शहर में नो-एंट्री खुलने के इंतजार में भी वाहन जहां-तहां खड़े कर दिए जाते हैं, जिससे ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित होती है.
रिफ्लेक्टर और पार्किंग लाइट का नहीं होता इस्तेमाल
जांच में पाया गया कि अधिकांश खड़े वाहनों में रिफ्लेक्टर (रेडियम टेप) नहीं लगे होते हैं. इसके साथ ही चालक रात में पार्किंग या हैजार्ड लाइट भी चालू नहीं रखते. ऐसे में अंधेरे और कोहरे में पीछे से आने वाले वाहन चालकों को ये गाड़ियां समय पर दिखाई नहीं देतीं, जिससे हादसे की आशंका बढ़ जाती है.
कानून मौजूद, लेकिन पालन नहीं
मोटर वाहन अधिनियम के तहत सड़क पर असुरक्षित तरीके से वाहन खड़ा करना दंडनीय अपराध है. इसके लिए 500 से 1500 रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है. साथ ही ट्रैफिक बाधित होने पर प्रति घंटा अतिरिक्त जुर्माना और वाहन जब्त करने की कार्रवाई भी हो सकती है. रिफ्लेक्टर नहीं होने पर फिटनेस रद्द करने का भी प्रावधान है.
हाल के हादसे बढ़ा रहे चिंता
हाल के दिनों में बक्सर में कई दुर्घटनाएं सामने आई हैं. बक्सर-पटना हाईवे पर एक कार खड़े ट्रक से टकरा गई, जिसमें दो युवकों की मौत हो गई. चौसा के पास बाइक सवार युवक खड़े ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकराकर गंभीर रूप से घायल हो गया. वहीं चुरामनपुर के पास दो ट्रकों की टक्कर में चालक और सह चालक जख्मी हो गए.
प्रशासन का दावा-जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी
जिला परिवहन पदाधिकारी राज कुमार ने कहा कि सड़क किनारे असुरक्षित और अवैध रूप से वाहन खड़ा करना गंभीर लापरवाही है. इस पर विभाग सख्त है और अब ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाई जाएगी. ट्रैफिक पुलिस को विशेष निर्देश दिए गए हैं कि रात के समय सघन निगरानी कर नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.
