Buxar news (मृत्युंजय सिंह की रिपोर्ट): बक्सर जिला पदाधिकारी साहिला की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में जिला स्तरीय उर्वरक निगरानी समिति की बैठक आयोजित की गई. इस बैठक में खरीफ मौसम के दौरान किसानों को उर्वरकों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने और कालाबाजारी पर रोक लगाने के उपायों की विस्तृत समीक्षा की गई. जिला पदाधिकारी ने जिला कृषि पदाधिकारी को सख्त निर्देश दिया कि जिले में यूरिया एवं डीएपी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि किसानों को खेती के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े.
आधार कार्ड पर तय की गई उर्वरक की सीमा
बैठक के दौरान जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि एक किसान अपने पहचान पत्र (आधार कार्ड) पर अधिकतम 10 बैग यूरिया और 5 बैग डीएपी की खरीद कर सकता है. यदि किसी किसान को अपनी खेती के लिए इससे अधिक उर्वरक की आवश्यकता होती है, तो संबंधित अनुमंडल कृषि पदाधिकारी की जांच एवं अनुशंसा के बाद उसे आवश्यकतानुसार अतिरिक्त उर्वरक उपलब्ध कराया जाएगा. इसके साथ ही जिला पदाधिकारी ने बड़े रैयत वाले किसानों की प्रखंडवार सूची तैयार करने का भी निर्देश दिया है.
एनपीके उर्वरकों के उपयोग पर दिया गया जोर
जिला पदाधिकारी ने मिट्टी की सेहत सुधारने के उद्देश्य से भी अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी किए. उन्होंने मृदा स्वास्थ्य सुधार और संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए एनपीके उर्वरकों के अधिकतम उपयोग पर विशेष जोर दिया. इसके अलावा, बैठक में उर्वरक वितरण व्यवस्था को पूरी तरह से पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक रणनीतियों पर भी विस्तार से चर्चा की गई ताकि सही किसानों तक खाद पहुंच सके.
जमाखोरी और कालाबाजारी पर होगी सख्त कार्रवाई
किसानों को सुगमता से उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए उर्वरक की कालाबाजारी और जमाखोरी पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश दिए गए. जिला पदाधिकारी साहिला ने संबंधित अधिकारियों को उर्वरक विक्रेताओं एवं प्रतिष्ठानों की नियमित रूप से जांच करने को कहा. उन्होंने साफ तौर पर निर्देश दिया कि जांच के दौरान यदि किसी भी स्तर पर कोई अनियमितता पाई जाती है, तो दोषी दुकानदारों और प्रतिष्ठानों पर कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.
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