Buxar News: जिले में बाढ़ की स्थिति अत्यंत गंभीर हो गई है. गंगा और उसकी सहायक नदियों के उफान के चलते जिले के 5 अंचलों की 13 पंचायतों के 27 गांव पूरी तरह बाढ़ के पानी से घिर चुके हैं. जिला आपदा प्रबंधन शाखा की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार, इस विभीषिका से 9,989 लोग सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं. बाढ़ की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा प्रभावित इलाकों में युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य चलाया जा रहा है.
37 सरकारी नावों से रेस्क्यू, सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाए जा रहे लोग
बाढ़ग्रस्त इलाकों में आवागमन सुचारू रखने और फंसे हुए ग्रामीणों को सुरक्षित निकालने के लिए प्रशासन ने अब तक कुल 37 नावों को मैदान में उतारा है. इनमें से 13 नावें अकेले शुक्रवार को जलमग्न इलाकों में लगातार चक्कर लगाती रहीं. पानी से घिरे परिवारों और उनके मवेशियों को रेस्क्यू कर ऊंचे एवं सुरक्षित तटबंधों पर शरण दिलाई जा रही है.
राशन, चारा और 6 हजार से अधिक पॉलिथीन शीट्स का वितरण
बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए राहत सामग्री का वितरण तेजी से किया जा रहा है:
- राहत किट एवं राशन: अब तक पीड़ितों के बीच 900 सूखा राशन पैकेट बांटे जा चुके हैं, जिनमें से शुक्रवार को 200 पैकेट वितरित किए गए.
- आश्रय व्यवस्था: बेघर हुए लोगों के लिए कुल 6,135 पॉलिथीन शीट्स उपलब्ध कराई गई हैं (शुक्रवार को 80 शीट्स वितरित).
- पशु चारा वितरण: मवेशियों के लिए चारे का संकट न हो, इसके लिए कुल 116.15 क्विंटल चारा पहुंचाया गया है, जिसमें अकेले शुक्रवार को 50.40 क्विंटल पशु चारा वितरित किया गया.
प्रशासन की चौबीसों घंटे निगरानी, अधिकारियों को दिए गए सख्त निर्देश
जिला प्रशासन स्थिति की 24 घंटे रियल-टाइम निगरानी कर रहा है. संबंधित अंचलाधिकारियों, बीडीओ और आपदा प्रबंधन से जुड़े कर्मियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रभावित क्षेत्रों में कैंप करें और राहत सामग्री के वितरण में कोई कमी न आने दें. तटबंधों पर भी मुस्तैदी बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तत्काल निपटा जा सके.
