Buxar Education News:(आशुतोष कुमार सिंह) बिहार में शिक्षा विभाग सभी सरकारी शिक्षकों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर रहा है. सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए विभाग ने नया आदेश जारी किया है. इस आदेश का उद्देश्य है कि सभी बच्चों को सरकारी विद्यालयों में ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले. इसके लिए शिक्षकों की जवाबदेही तय की जा रही है. इसी कड़ी में माध्यमिक शिक्षा निदेशक सज्जन आर ने पत्र जारी किया है. पत्र में सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि कोई भी सरकारी शिक्षक कोचिंग या निजी ट्यूशन नहीं पढ़ाएगा. यह नियम विद्यालय परिसर और बाहर दोनों जगह लागू होगा.
नियम उल्लंघन पर होगी कार्रवाई
यदि कोई शिक्षक निजी ट्यूशन या कोचिंग में पढ़ाते पाया गया, तो आदेश का उल्लंघन माना जाएगा. ऐसे मामलों में संबंधित शिक्षक के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी.
क्यों लिया गया यह फैसला
विभाग का मानना है कि कोचिंग और ट्यूशन से स्कूल की पढ़ाई प्रभावित होती है. शिक्षक अपने विद्यालय के बच्चों को पर्याप्त समय नहीं दे पाते हैं. इससे सरकारी स्कूलों की शिक्षा गुणवत्ता पर असर पड़ता है.
शिक्षकों की बढ़ी जिम्मेदारी
पत्र में कहा गया है कि हाल के वर्षों में बड़ी संख्या में शिक्षकों की नियुक्ति हुई है. बिहार लोक सेवा आयोग के माध्यम से स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध कराए गए हैं. अब शिक्षकों की जिम्मेदारी है कि वे पूरी ईमानदारी से अपने विद्यालय में पढ़ाएं. बच्चों के सर्वांगीण विकास पर ध्यान दें.
प्रशिक्षण और गुणवत्ता पर जोर
विभाग की ओर से शिक्षकों को समय-समय पर प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है. इसका उद्देश्य उनकी शैक्षणिक गुणवत्ता को बेहतर बनाना है. नई तकनीकों और तरीकों से पढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है.
जिला स्तर पर निगरानी
जिला शिक्षा पदाधिकारियों को इस आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है. सभी स्कूलों पर निगरानी रखी जाएगी.
