बक्सर जिले के ब्रह्मपुर प्रखंड में सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं. स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक लापरवाही, नियमों की अनदेखी और बीआरसी कार्यालय में कथित अनियमितताओं के आरोप लगाए जा रहे हैं. इन मामलों को लेकर अभिभावकों और स्थानीय लोगों में नाराजगी की बात सामने आ रही है.
ब्रह्मपुर में बीईओ के अतिरिक्त प्रभार पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि ब्रह्मपुर प्रखंड के बीईओ का प्रभार चक्की प्रखंड के शिक्षा पदाधिकारी को दिया गया है. दो प्रखंडों की जिम्मेदारी होने के कारण ब्रह्मपुर के स्कूलों की नियमित मॉनिटरिंग प्रभावित होने का दावा किया जा रहा है. लोगों का कहना है कि औचक निरीक्षण और विद्यालयों की निगरानी पहले की अपेक्षा कमजोर हुई है.
वरिष्ठ शिक्षकों के रहते कनीय को प्रभार देने का आरोप
ब्रह्मपुर प्रखंड के एक दर्जन से अधिक विद्यालयों में वरिष्ठ शिक्षकों की मौजूदगी के बावजूद कनीय शिक्षकों को विद्यालय का प्रभार दिए जाने का आरोप लगाया गया है. स्थानीय लोगों के अनुसार, जिला स्तर से वरिष्ठ शिक्षकों को प्रभार देने संबंधी निर्देश पहले जारी किए जा चुके हैं. इसके बावजूद कई विद्यालयों में स्थिति नहीं बदली है.
ब्रह्मपुर बीआरसी कार्यालय पर भी गंभीर आरोप
ब्रह्मपुर बीआरसी कार्यालय की कार्यप्रणाली को लेकर भी स्थानीय स्तर पर कई गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं. आरोप है कि कार्यालय में कथित रूप से एक सिंडिकेट सक्रिय है और विभिन्न प्रशासनिक व शैक्षणिक कार्यों के लिए अलग-अलग राशि तय होने की चर्चा है. हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.
शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति पर भी सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ शिक्षकों को उनके मूल विद्यालयों से हटाकर बीआरसी कार्यालय में प्रतिनियुक्त किया गया है. इससे संबंधित विद्यालयों में शिक्षकों की कमी और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने की बात कही जा रही है. लोगों ने प्रतिनियुक्ति की व्यवस्था की समीक्षा करने की मांग की है.
गरहथा कला विद्यालय में छात्रों ने लगाया ताला
शिक्षकों की कथित मनमानी के खिलाफ आवेदन देने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से नाराज गरहथा कला मध्य विद्यालय के छात्रों ने शनिवार को विद्यालय में तालाबंदी कर दी. छात्रों ने शिक्षा विभाग के खिलाफ नारेबाजी भी की. इस घटना के बाद ब्रह्मपुर की शिक्षा व्यवस्था को लेकर मामला और चर्चा में आ गया है.
बीईओ ने आरोपों को बताया गलत
ब्रह्मपुर के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी जीतेंद्र कुमार ने लगाए गए आरोपों को गलत बताया है. उन्होंने कहा कि कार्यालय में किसी कथित सिंडिकेट का कब्जा नहीं है और सभी कार्य नियमानुसार किए जाते हैं. बीईओ के इस बयान के बाद अब आरोपों की वास्तविकता को लेकर विभागीय स्तर पर जांच और कार्रवाई पर नजर रहेगी.
