3 साल बाद फिर शुरू हुआ बक्सर में बायोगैस प्लांट, 49 लाख की परियोजना से ग्रामीणों को बड़ी उम्मीद

Buxar Bio Gas Plant News : बक्सर जिले में गोवर्धन योजना के तहत बनने वाले पहले बायोगैस प्लांट का निर्माण कार्य करीब तीन वर्ष बाद एक बार फिर शुरू हो गया है.

Buxar Bio Gas Plant News : बक्सर जिले में गोवर्धन योजना के तहत बनने वाले पहले बायोगैस प्लांट का निर्माण कार्य करीब तीन वर्ष बाद एक बार फिर शुरू हो गया है. सदर प्रखंड की जगदीशपुर पंचायत के कुल्हड़िया गांव में 49 लाख रुपये की लागत से तैयार हो रहे इस प्लांट से ग्रामीणों की उम्मीदें फिर से जाग उठी हैं. स्वच्छता, कचरा प्रबंधन और जैविक ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की गई यह महत्वाकांक्षी परियोजना लंबे समय तक ठप पड़ी रही थी.

2023 में हुआ था शिलान्यास, 90 दिन में पूरा करने का था लक्ष्य

इस परियोजना की आधारशिला 13 मई 2023 को तत्कालीन जिलाधिकारी अंशुल अग्रवाल ने रखी थी. निर्माण कार्य की जिम्मेदारी आनंद इंजीनियरिंग, लखनऊ को सौंपी गई थी. एजेंसी को प्लांट का निर्माण 90 दिनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य दिया गया था, लेकिन विभिन्न कारणों से काम समय पर पूरा नहीं हो सका और परियोजना वर्षों तक अधर में लटकी रही.

49 लाख की लागत से बन रहा जिले का पहला बायोगैस प्लांट

करीब तीन साल बाद निर्माण कार्य दोबारा शुरू होने से ग्रामीणों में उम्मीद जगी है कि अब यह परियोजना जल्द पूरी होगी. गोवर्धन योजना के तहत बनने वाला यह बायोगैस प्लांट जिले का पहला ऐसा प्लांट होगा, जो जैविक कचरे से स्वच्छ ऊर्जा और जैविक खाद तैयार करेगा.

गोबर से लेकर जलकुंभी तक से बनेगी बायोगैस

इस प्लांट में पशुओं के गोबर के अलावा मुर्गी पालन, भेड़ पालन, मत्स्य पालन से निकलने वाले अपशिष्ट, खेती से प्राप्त भूसा, पुआल, पौधों की पत्तियां, जलकुंभी और अन्य जैविक अवशेषों का उपयोग किया जाएगा. आधुनिक शोध के अनुसार मशरूम उत्पादन के बाद बचने वाले अपशिष्ट पदार्थों का भी बायोगैस निर्माण में इस्तेमाल किया जा सकेगा.

किसानों को मिलेगी जैविक खाद, घटेगी रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता

विशेषज्ञों का कहना है कि बायोगैस उत्पादन के बाद बचने वाला अवशेष उच्च गुणवत्ता वाली जैविक खाद के रूप में किसानों के लिए बेहद उपयोगी होगा. इससे किसानों की रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम होगी और खेती को भी बढ़ावा मिलेगा. साथ ही स्वच्छता अभियान को मजबूती मिलेगी.

कचरा प्रबंधन और स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को मिलेगा बढ़ावा

ग्रामीणों का कहना है कि प्लांट शुरू होने के बाद पंचायत में कचरा प्रबंधन की समस्या काफी हद तक दूर हो जाएगी. साथ ही स्थानीय स्तर पर स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादन होने से पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा. अब लोगों की नजर निर्माण कार्य की गति और इसके जल्द पूरा होने पर टिकी है.

Also Read : PM श्री योजना के तहत स्कूल शिफ्टिंग का विरोध, प्रदर्शन के बाद DEO ने लगाई रोक

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Parshant kumar rai

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >