Buxar News : बिहार के प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले छोटे बच्चों के कंधों से जल्द ही भारी-भरकम स्कूली बैग का बोझ कम हो सकता है. बच्चों के बढ़ते स्कूल बैग के वजन को लेकर उठायी गयी मांग पर शिक्षा विभाग ने संज्ञान लिया है. निदेशक, प्राथमिक शिक्षा ने विद्यालयों में बैग का भार कम करने के लिए प्रभावी और व्यावहारिक व्यवस्था लागू करने की दिशा में आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया है.
बक्सर क्रीड़ा मंच ने उठाया था बच्चों के बैग का मुद्दा
इस मामले को लेकर बक्सर क्रीड़ा मंच के जिला अध्यक्ष दुर्गेश कुमार उपाध्याय विद्रोही ने पहल की थी. उन्होंने पिछले माह बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश कुमार तिवारी को आग्रह पत्र सौंपकर प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों के भारी स्कूल बैग का मुद्दा उठाया था. पत्र में कहा गया था कि लगातार बढ़ते बैग के वजन का छोटे बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है.
बच्चों के कोमल कंधों पर अनावश्यक बोझ चिंता का विषय
आग्रह पत्र में कहा गया था कि छोटे बच्चों को रोजाना कई किताबें और कॉपियां स्कूल ले जानी पड़ती हैं. इससे उनके कोमल कंधों पर अनावश्यक वजन पड़ता है. कम उम्र में भारी बैग उठाने से बच्चों की शारीरिक परेशानी बढ़ने की आशंका रहती है. ऐसे में स्कूल बैग का वजन कम करने के लिए व्यावहारिक व्यवस्था जरूरी है.
कनाडा, अमेरिका और इंग्लैंड का दिया गया उदाहरण
मांग पत्र में कनाडा, मॉरीशस, अमेरिका और इंग्लैंड जैसे देशों में स्कूलों में उपलब्ध स्टूडेंट बॉक्स और लॉकर जैसी सुविधाओं का उदाहरण दिया गया था. ऐसी व्यवस्था में बच्चों को रोजाना सभी किताब-कॉपियां घर से स्कूल और स्कूल से घर ले जाने की जरूरत नहीं पड़ती. बिहार में भी स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार ऐसी वैकल्पिक व्यवस्था लागू करने पर विचार करने का आग्रह किया गया था.
शिक्षा विभाग ने आवेदन पर शुरू की कार्रवाई
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिक्षा मंत्री के माध्यम से सरकार को भेजे गये आवेदन पर शिक्षा विभाग ने त्वरित कार्रवाई की है. निदेशक, प्राथमिक शिक्षा की ओर से इस संबंध में पत्र जारी किया गया है. आवेदन की प्रति को भी अग्रेतर कार्रवाई के लिए संबंधित स्तर पर भेजा गया है. विद्यालयों में बच्चों के बैग का भार कम करने के लिए ठोस कदम उठाने की बात कही गयी है.
लाखों बच्चों और अभिभावकों को जगी उम्मीद
शिक्षा विभाग की इस पहल से बिहार के लाखों स्कूली बच्चों और उनके अभिभावकों में उम्मीद जगी है. माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में बच्चों के स्कूल बैग का वजन कम करने के लिए व्यावहारिक व्यवस्था को लेकर और कदम उठाये जा सकते हैं. इससे बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य और पढ़ाई के लिए अनुकूल माहौल मिलने की उम्मीद है.
