बक्सर का अहियापुर ट्रिपल मर्डर केस, एक साल बाद भी न्याय की राह देख रहा पीड़ित परिवार

Bihar News: बक्सर के राजपुर थाना क्षेत्र के अहियापुर ट्रिपल मर्डर कांड को एक साल पूरा हो गया है, लेकिन पीड़ित परिवारों को अब भी न्याय का इंतजार है. गोलीकांड में तीन लोगों की मौत के बाद गांव में डर और सन्नाटा पसरा हुआ है.

Bihar News: (पंकज कमल) बक्सर जिले के राजपुर थाना क्षेत्र स्थित अहियापुर गांव में हुए बहुचर्चित ट्रिपल मर्डर कांड को आज एक साल पूरा हो गया है, लेकिन गांव की तस्वीर आज भी भय और सन्नाटे में डूबी हुई है. कभी रौनक और जीवन से भरा यह गांव आज खामोशी और दर्द की कहानी बयां कर रहा है. 24 मई 2025 की वह सुबह आज भी ग्रामीणों के जेहन में ताजा है, जब मामूली विवाद ने खूनी रूप ले लिया था और पूरे इलाके में गोलियों की तड़तड़ाहट गूंज उठी थी.

मामूली विवाद से शुरू हुआ था खूनी खेल

जानकारी के अनुसार, सड़क पर गिट्टी गिराने को लेकर हुए विवाद ने देखते ही देखते बड़ा हिंसक रूप ले लिया था. आरोप है कि विवाद के दौरान अंधाधुंध फायरिंग की गई, जिसमें एक ही परिवार और पट्टीदारों को निशाना बनाया गया. करीब 10 मिनट तक चले इस गोलीकांड में पूरा इलाका दहशत में आ गया था.

तीन लोगों की मौत, दो घायल

इस वारदात में सुनील सिंह (40 वर्ष) और विनोद सिंह (50 वर्ष) की मौके पर ही मौत हो गई थी. वहीं वीरेंद्र सिंह (35 वर्ष) ने अस्पताल ले जाने के दौरान दम तोड़ दिया था. इस घटना में पूजन सिंह (40 वर्ष) और मंटू सिंह (35 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हुए थे, जो अब भी शारीरिक और मानसिक पीड़ा झेल रहे हैं.

परिवारों की उजड़ी जिंदगी, आंखों में सिर्फ इंतजार

इस गोलीकांड ने कई परिवारों की जिंदगी पूरी तरह बदल दी. मृतक विनोद सिंह की पत्नी कलावती देवी और सुनील सिंह की पत्नी आशा देवी आज भी न्याय की उम्मीद में दिन काट रही हैं. दोनों महिलाओं का कहना है कि उनके जीवन का सब कुछ उजड़ चुका है और अब सिर्फ न्याय ही अंतिम सहारा है.

अनाथ हुआ परिवार, बेटा न्याय की राह में

इस घटना में वीरेंद्र सिंह की पत्नी पहले ही इस दुनिया से जा चुकी थीं. पिता की मौत के बाद उनके बेटे अजीत यादव की जिंदगी पूरी तरह बदल गई है। वह आज भी न्याय की उम्मीद में प्रशासन और अदालतों की ओर देख रहा है.

19 नामजद और 3 अज्ञात पर दर्ज हुआ था मामला

इस मामले में पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष के पति मनोज यादव और पूर्व जिप उपाध्यक्ष संतोष यादव समेत कुल 19 लोगों और 3 अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

पुलिस कार्रवाई के दबाव और कुर्की-जब्ती के बाद कई आरोपियों ने कोर्ट में आत्मसमर्पण किया, जबकि कुछ पर अब भी गिरफ्तारी लंबित है.

पांच आरोपी अब भी फरार

जानकारी के अनुसार, इस मामले में पांच नामजद अभियुक्त-जग नारायण सिंह, दीनानाथ सिंह, विकास यादव, अभिषेक यादव और शिवम यादव-अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं. बताया जाता है कि इन्हें अभी तक उच्च न्यायालय से जमानत भी नहीं मिली है.

गांव में आज भी पसरा है डर और सन्नाटा

एक साल बाद भी अहियापुर गांव में सामान्य स्थिति बहाल नहीं हो सकी है। ग्रामीणों का कहना है कि घटना के बाद से गांव में भय और तनाव का माहौल बना हुआ है.

पीड़ित परिवारों की एक ही मांग- पूरा न्याय कब मिलेगा

पीड़ित परिवारों का कहना है कि साल भर बीत जाने के बाद भी उन्हें पूरा न्याय नहीं मिल पाया है. उनका सवाल आज भी वही है–आखिर कब मिलेगा इंसाफ?

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Published by: Ragini Sharma

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