राजनीतिक दलों से शांति व्यवस्था बनाये रखने की अपील
बिहार विधानसभा आम निर्वाचन 2025 की मतगणना आज शुरू हो गया है. इसको लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है.
By AMLESH PRASAD | Updated at :
बक्सर. बिहार विधानसभा आम निर्वाचन 2025 की मतगणना आज शुरू हो गया है. इसको लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है. बक्सर एसपी शुभम आर्य ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर राजनीतिक दलों तथा उनके समर्थकों के आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए हैं. मतगणना के दिन मतगणना परिसर के 100 मीटर के परिधि में किसी भी राजनीतिक दल या अभ्यर्थी से संबंधित समूह अथवा व्यक्तियों द्वारा चार या चार से अधिक व्यक्तियों का मजमा लगने पर पूर्णतः वर्जित रहेगा. पूरे बक्सर जिला में बी एन एस एस की धारा 163 के अंतर्गत लागू है. किसी भी व्यक्ति राजनीतिक दल, संगठन के द्वारा राजनीतिक प्रयोजन से संबंधित किसी भी प्रकार के सभा या विजय जुलूस और धरना का प्रदर्शन इस दौरान वर्जित है. बिहार लाउडस्पीकर प्रयोग एवं वादन नियंत्रण अधिनियम 1955 के तहत ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग रात्रि 10 बजे से प्रातः 6 बजे तक पूर्ण रूप से वर्जित रहेगा. अनुमंडल पदाधिकारी की स्वीकृति प्राप्त होने पर निर्धारित समय अवधि में इन यंत्रों का प्रयोग किया जा सकता है. स्वीकृति नहीं लेने वाले लोगों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जायेगी. कोई भी व्यक्ति राजनीतिक दल या संगठन किसी प्रकार का पोस्टर, पर्चा आलेख या फोटो आदि का प्रकाशन नहीं करेंगे. इस संबंध में किसी प्रकार के आपत्तिजनक विधि विरुद्ध संदेश व्हाट्सएप, एसएमएस या अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से इसका आदान-प्रदान नहीं करेंगे, जिससे आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन या विधि व्यवस्था की समस्या उत्पन्न हो पाए. कोई भी व्यक्ति राजनीतिक दल संगठन सांप्रदायिक भावनाओं को भड़काने का कार्य नहीं करेंगे. कोई भी व्यक्ति राजनीतिक दल संगठन किसी भी व्यक्ति को डराने या धमकाने का कार्य नहीं करेंगे. मतगणना परिसर के आसपास या बक्सर जिला के किसी भी क्षेत्र में आग्नेयास्त्र, लाठी, भाला या अन्य किसी भी प्रकार का घातक हथियार का प्रदर्शन करना सख्त माना है. आदर्श आचार संहिता के संदर्भ में भारत निर्वाचन आयोग द्वारा समय-समय पर जारी किए गए दिशा निर्देश के विपरीत किसी भी व्यक्ति राजनीतिक दल संगठन के द्वारा कोई कार्य नहीं किया जायेगा. यहां तक की मतगणना संपन्न होने के उपरांत जब तक भारत निर्वाचन आयोग द्वारा आदर्श आचार संहिता औपचारिक रूप से वापस नहीं ली जाती है, इस अवधि तक सभी संबंधित आयोग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार ही कार्य करना है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि यह आदेश पूर्व अनुमोदित सभाओं, जुलूस विवाह समारोह, बारातियों, अंत्येष्टि कार्यक्रमों, बाजारों, अस्पताल ले जा रहे मरीजों के साथ जाने वाली व्यक्तियों एवं स्कूल कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों तथा ड्यूटी पर तैनात सरकारी कर्मचारियों तथा पुलिस कर्मियों पर लागू नहीं होगा. इस दौरान उन्होंने कहा कि अफवाहों पर ध्यान न दे अफवाह फैलाने वालों से संबंधित सूचना पुलिस को अविलंब दें. मतगणना के दौरान सोशल मीडिया या अन्य माध्यम से अफवाह फैलाने वालों पर पुलिस की पौनी नजर बनी रहेगी अगर कोई अफवाह फैलाने की कोशिश करेगा, तो उस पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जायेगी.
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