Buxar News: प्रत्येक दिन दो गांव में कैंप लगाकर किया जाता है पशुओं का इलाज

पशुपालन विभाग जिले के प्रत्येक प्रखंड में चलंत वाहन चलाकर छ:ह माह में 26076 पशुओं का इलाज किया गया

बक्सर

. पशुपालन विभाग जिले के प्रत्येक प्रखंड में चलंत वाहन चलाकर छ:ह माह में 26076 पशुओं का इलाज किया गया. सोमवार को सदर प्रखंड के उमरपुर में चलंत वाहन के द्वारा कैंप लगाकर पशु का इलाज किया गया. इस वाहन से पशुपालक को अब परेशानी नहीं होगी. विभाग ने पशु एंबुलेंस उपलब्ध कराया है. पशु एंबुलेंस से अब पशुओं के इलाज में तेजी आयेगी. कम समय में काफी पशुओं का इलाज सुगमता से होगा.दो पंचायत में हर दिन लगता है कैंप, टोल फ्री नंबर 1962 पर करें कॉल

पशुपालन विभाग पशुपालक के कॉल करते ही एंबुलेंस से पशुपालक के द्वार पहुंचेगा. प्रत्येक दिन दो ग्राम पंचायतों में कैंप लगाना अनिवार्य किया गया है. भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी डॉ अरुन कुमार ने बताया कि पशुपालन विभाग से एंबुलेंस उपलब्ध हो गया है. जिसका टोल फ्री नंबर 1962 है. कोई कॉल कर बुला सकते हैं. निर्देश है कि प्रत्येक पंचायत में रोस्टर अनुसार कैंप लगाना है.

कृत्रिम गर्भाधान व पशु चिकित्सा की मिलेगी सुविधापशु एंबुलेंस में कृत्रिम गर्भाधान और पशु चिकित्सा की सुविधा मिलेगी. एंबुलेंस में डाक्टर की व्यवस्था किया गया है. ताकि पशुपालक को सुविधा मिल सके. पशु पारावेट स्टाफ की तैनाती के साथ सभी जांच सुविधा पशु एंबुलेंस में उपलब्ध है. कृत्रिम गर्भाधान और पशु चिकित्सा है. पशु एंबुलेंस में टीकाकरण की भी सुविधा है. जिला समन्वय अग्निवेश कुमार ने बताया कि यह काम सितंबर माह से शुरू किया गया है. इसके तहत अभी तक जिले के 3406 गांवों में कुल 26076 पशुओं का इलाज किया गया है. वाहन में पशु का समुचित इलाज व टीकाकरण के साथ जांच की सुविधा पशु एंबुलेंस में किया गया है.1962 पर कॉल कराएं मुफ्त सेवा

जिले में पशुओं के इलाज के लिए चलाया जा रहा विशेष अभियान रंग ला रहा है.प्रत्येक दिन दो गांवों में कैम्प लगाकर पशुओं का मुफ्त इलाज किया जा रहा है.बीते छह महीनों में जिले के 3406 गांवों में कुल 26076 पशुओं का इलाज किया गया है. पारामेट विकास कुमार ने बताया कि पशुपालकों के लिए राहत की बात यह है कि वे अब घर बैठे ही 1962 नंबर पर कॉल कर मुफ्त पशु चिकित्सा सेवा का लाभ ले सकते हैं. यह सेवा पूरी तरह निशुल्क है और जिले के हर कोने तक पहुंच बनाई जा रही है. पशुपालन विभाग की इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में पशुओं की स्वास्थ्य सुविधा को काफी सुविधा मिल रहा है, जिससे किसानों की आमदनी और पशुओं की उत्पादकता दोनों में सुधार हो रहा है.

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