ब्रह्मपुर
. फाल्गुनी पशु मेला पूरी तरह से गुलजार हो गया है. मेला में मवेशियों के साथ ही इसके साजों सामान के व्यापारी भी अपना डेरा डाल कर सामान की बिक्री कर रहे हैं. मेला में आये एक से बढ़कर एक घोड़ा को देखने वाले भी जमकर अपना लुप्त उठा रहे है. पूरा मेला मैदान प्रांगण घोड़ों से पट गया है. मेला में आये उत्तम नस्ल के घोड़े के खरीदार अपनी पसंद की खरीदारी कर रहे हैं. कोर्ट के आदेश पर कोई रूचि न दिखाने के कारण मेला परिसर पूरी तरह गुलजार हो चुका है. वहीं स्कूल परिसर में फाल्गुनी पशु मेला न लगाने का पूरे दिन कोर्ट के आदेश का उल्लघंन करते हुए. व्यापारियों द्वारा स्कूल परिसर में अपना डेरा जमाते रहे. सब कुछ देखकर अधिकारी भी अनजान बने रहे. सुनसान रहने वाला मेला क्षेत्र घोड़ों की टाॅप से गुंजने लगा है. दुकानों की सजावट से मेला गुलजार हो गया हैं. मेला हटाने की जगह मेला पूरी तरह से परवाना पर हैं. दूसरे जगह से आये व्यापारी पूरी तरह असमंजस की स्थिति से अनजान हैं. उनके द्वारा कहा जा रहा है कि हरेक साल की तरह हमलोग घोड़ा लेकर आ गये हैं.मेला हटाना प्रशासन के लिए बना चुनौती
पूरे दिन कोर्ट के आदेश की धज्जियां उड़ती रही व प्रशासन जानते हुए भी अनजान बनी रही. प्रशासन के उदासीनता से मेला पूरी तरह से जम चुका है. मेला कब हटेगा इसका जवाब देने से अधिकारी बच रहे हैं अधिकारियों द्वारा कहा जा रहा हैं कोर्ट के आदेश का पालन होगा कब होगा. इसका जबाब देने से बचते रहे . 26 फरवरी को महाशिवरात्रि के बाद मेला खत्म हो जाता है. प्रशासन की उदासीनता से मेला अब इतना गुलजार हो चुका है कि इसे हटाना प्रशासन के लिए किसी चुनौती से कम नहीं हैं.
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