buxar news : बक्सर. नगर के किला के पास महादलित बस्ती से बीते 17 दिनों से लापता भाई-बहन के सुरक्षित मिलने की खबर से पीड़ित परिवार में खुशी की लहर दौड़ गयी है.
दोनों बच्चे मध्य प्रदेश के कटनी जिले में सकुशल पाये गये हैं. जैसे ही यह सूचना उनके माता-पिता के पास पहुंची, उन्होंने राहत की सांस ली और पड़ोस एवं नाते रिश्तेदारों में भी खुशी का माहौल बन गया. लंबे समय से अनिश्चितता और चिंता में डूबे उस महादलित परिवार के लिए यह किसी चमत्कार से कम नहीं है. जाहिर है कि 12 जनवरी की शाम आकाश डोम एवं गीता देवी की 13 वर्षीया बेटी शीतल एवं छह साल का बेटा विकास कुमार घर से बगैर उन्हें बताये निकल गये थे और वे भटककर कटनी पहुंच गये थे. परिजनों ने उसी दिन नगर थाना में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने गये थे, लेकिन 17 जनवरी की प्राथमिकी दर्ज हुई. इसके बाद पुलिस प्रशासन पर बच्चों की लापरवाही का आरोप लगाते हुए लाचारी बयां कर रहे थे. इसकी जानकारी मिलने पर इसे गंभीरता से लेते हुए उनके दरवाजे पर द्वारा रो-रोकर आपके अपने लोकप्रिय दैनिक अखबार ””””प्रभात खबर”””” के संवाददाता पहुंचे, जिनसे वे आपबीती सुनाकर फफक पड़े.प्रभात खबर की पहल पर एसपी ने गठित किया था एसआइटी
पीड़ित परिवार की इस परेशानी को प्रमुखता से लेते हुए ””””प्रभात खबर”””” ने भाई-बहन की खोज के लिए अभियान शुरू किया. इसके तहत बच्चों के लापता से संबंधित खबरें लगातार प्रकाशित की जाने लगीं. एसपी से बातचीत की गयी, तो उन्होंने इसे गंभीरता से लेते हुए सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी गौरव पांडेय के नेतृत्व में एसआइटी गठित कर प्राथमिकता के आधार पर लापता बच्चों को ढूंढ़ने का निर्देश दिया. इसके बाद पुलिस प्रशासन बच्चों की तलाश में भाग-दौड़ करने लगी, लेकिन कई दिनों तक कोई ठोस सुराग नहीं मिल सका.दर-दर की खाक छानते फिर रहे थे परिजन
दिन बीतने के साथ-साथ परिजनों की चिंता बढ़ती जा रही थी. मां-बाप का रो-रोकर बुरा हाल था. हर आने-जाने वाले से बच्चों के बारे में पूछताछ की जा रही थी. इस क्रम में परिजन भी अपने स्तर से खोजबीन में जुटे हुए थे. वे रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, बाजार और रिश्तेदारों से लेकर बनारस, पटना, सिवान, छपरा समेत अन्य जगहों पर जाकर खाक छानते फिरे. पुलिस की ओर से इस केस के आइओ नीरज कुमार भी पटना, दिलदारनगर, पं. दीनदयाल नगर आदि जगहों पर जाकर बाल गृहों व थाना आदि जगहों पर तलाश की, लेकिन बच्चों का कोई पता नहीं चल पा रहा था. इस बीच सोशल मीडिया पर भी बच्चों की तस्वीरें और जानकारी साझा की गयीं, ताकि किसी को भी उनकी जानकारी मिले तो परिवार तक पहुंच सके.एनजीओ व सामाजिक कार्यकर्ता भी हुए सक्रिय
””प्रभात खबर”” की पहल एवं अखबार में प्रकाशित खबरें रंग लायी और सामाजिक संगठनों ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की थी. गैर सरकारी संगठन स्व कन्हाई शुक्ला सामाजिक सेवा संस्थान के समन्वयक अमिताभ गौतम, परामर्शी कंचन देवी एवं अजित कुमार, चाइल्ड लाइन की समन्वयक रीमा कुमारी व केस वर्कर सचिन कुमार ने सक्रियता दिखाते हुए उनके घर पहुंचकर उनके परिजनों से पूरी जानकारी ली. इसके बाद वे अपने संस्था के माध्यम से खोजबीन शुरू की. उक्त संस्था से जुड़े राजद झुग्गी-झाेपड़ी के प्रदेश अध्यक्ष संतोष भारती ने भी सक्रियता दिखायी.खोजबीन में लगी थी आरपीएफ
बच्चों के खोजबीन में बक्सर पोस्ट की आरपीएफ टीम भी लगी हुई थी. पोस्ट के निरीक्षक प्रभारी कुंदन कुमार द्वारा पूरे महकमे में लापता बच्चों के फोटो पोस्ट कर निगरानी की जा रही थी. इस क्रम में सदर एसडीपीओ गौरव पांडेय के अगुवाई में स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज को घंटों खंगालने में आरपीएफ टीम ने पूरा सहयोग किया, जिससे पता चला कि बच्चे स्टेशन के प्लेटफार्म तक पहुंचे हुए हैं.
