11 नंबर लख के पास केंद्रीय विद्यालय भवन का होगा निर्माण
बक्सर : केंद्र सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से देश के 150 जिलों में केंद्रीय विद्यालय मंजूर किये गये थे. इसमें बिहार से बक्सर जिले का भी समावेश था. केंद्रीय विद्यालय में सरकारी नौकरी करनेवालों से लेकर सर्वसामान्य नागरिकों के बालकों को प्रवेश दिया जाता है. इस विद्यालय से जिले के अनुसूचित जाति-जनजाति छात्रों को भी फायदा मिलेगा, लेकिन अपना भवन नहीं होने के कारण केंद्रीय विद्यालय एमपी हाइस्कूल में संचालित है,
जिससे आशा के अनुरूप छात्रों का नामांकन व शिक्षा उपलब्ध नहीं हो पा रहा था. उल्लेखनीय है कि इसको लेकर सदर विधायक संजय तिवारी ने मुख्यमंत्री के समक्ष अड़चनों को दूर करने का मुद्दा उठाया था, जिसके आलोक में मुख्यमंत्री सचिवालय से जिला प्रशासन को पत्र भेजा गया है. बहरहाल केंद्रीय विद्यालय के भवन निर्माण के लिए प्रशासन सक्रिय हो गया है.
जिले में भी इसे शुरू करने के लिए नहर पर 11 नंबर लख के पास चिह्नित करीब साढ़े तीन एकड़ जमीन में एनओसी की समस्या खत्म हो गयी है. शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़े हुए जिले के रूप में पहचाने जानेवाले बक्सर जिले के विद्यालय को अपना भवन जल्द ही नसीब हो जायेगा.
चिह्नित जमीन से बिजली का तार हटाने का निर्देश : सरकार ने जिस जमीन पर केंद्रीय विद्यालय के भवन निर्माण की स्वीकृति दी है. वहां जमीन के बीचोंबीच ऊपर से बिजली के 11 हजार वोल्टेज का करेंट प्रवाहित तार है.
उस तार के कारण केंद्रीय विद्यालय के भवन निर्माण में परेशानी आ रही थी, जिसको लेकर सदर विधायक ने मुख्यमंत्री से पहल करने की मांग की थी. इसके मद्देनजर मुख्यमंत्री सचिवालय ने बिजली विभाग के संबंधित अधिकारियों को तार हटाने के निर्देश दिये हैं.
मानव संसाधन मंत्रालय करेगा भरती : केंद्रीय विद्यालय के लिए स्टाफ की भरती मानव संसाधन विकास मंत्रालय अंतर्गत केंद्रीय विद्यालय संगठन की ओर से राष्ट्रीय स्तर पर की जायेगी. शुरुआत में नजदीक के केंद्रीय विद्यालयों के शिक्षकों को प्रति नियुक्ति पर भेज कर केंद्रीय विद्यालय शुरू करने का प्रयास किया जायेगा.
नये केंद्रीय विद्यालय में सभी विद्यार्थियों के लिए व्यायामशाला रहेगी. आरटीइ में प्रवेश के लिए विद्यार्थियों को नि:शुल्क शिक्षा मिलेगी. वहीं, बीपीएल के बच्चों पर नाममात्र प्रवेश शुल्क लगेगा. साथ ही सरकारी कर्मचारियों के बालकों को भी नाममात्र शुल्क देना होगा.
