बदहाली. शहर से सटे पांडेयपट्टी-चक्रहंसी की जर्जर सड़क पर गरमी में पानी के जमाव से परेशानी
वाहनचालकों को होती परेशानी, रहती है हादसे की आशंका
बक्सर : पांडेयपट्टी से होकर चक्रहंसी, दुबौली, छोटका नुआंव, सरेंजा सेकुकुढ़ा होते हुए इटाढ़ी तक जानेवाली सड़क न सिर्फ जर्जर है, बल्कि इस भीषण गरमी में भी जलमग्न है. यह सड़क कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों को जोड़ती है, जिससे इस पर दिन भर में हजारों की संख्या में वाहन गुजरते हैं.
इस रास्ते लोग पकड़ी मोड़, नारायणपुर होते हुए ब्रह्मपुर व चौसा के इलाके में भी जाते हैं. करीब 10 किलोमीटर लंबी इस सड़क से जिले के बड़े-बड़े क्षेत्र जुड़े हैं. इस सड़क से न सिर्फ ग्रामीणों का, बल्कि आला अधिकारियों का भी आना जाना लगा रहता है. लेकिन, इसकी दुर्दशा पर कोई ध्यान नहीं देता, सिर्फ यात्रा ही करते हैं.
पंचायत के अंतर्गत आती है सड़क
पांडेयपट्टी का इलाजा नगर पर्षद में न आकर पंचायत से जुड़ा है, जिसके कारण इस सड़क की जर्जर स्थिति का निदान नहीं हो पा रहा है. जगह-जगह नाले के जाम रहने से इस सड़क पर जलजमाव सालोभर रहता है और ग्रामीणों को परेशानी झेलनी पड़ती है. बरसात में तो हालत ऐसी रहती है कि छोटी गाड़ियां व दोपहिया वाहन हिचकोले मारकर चलते हैं और हादसे की आशंका भी बनी रहती है. इसी सड़क से गुजर कर एफसीआइ गोदाम तक बड़ी गाड़ियां जाती हैं और लोडेड अनलोडेड गाडि़यों के चलते यह सड़क टूट कर पूरी तरह जर्जर हो चुकी है.
सड़क पर जलजमाव व जर्जर होने के चलते ही कुछ माह पूर्व एक स्कूली बस ने दो साइकिल सवार भाइयों को कुचल दिया था, जिसमें एक भाई की जान चली गयी थी तथा दूसरा भाई साइकिल के दूसरी ओर रहने के कारण बच गया था. दोनों भाई साइकिल के उतरे चेन को चढ़ा रहे थे, तभी पीछे से आ रहे बस का संतुलन गड्ढा होने से बिगड़ा और हादसा हो गया था.
इस हादसे के बाद उग्र ग्रामीणों ने स्कूली बस को बच्चों को उतार कर फूंक दिया था. ग्रामीणों के गुस्से के बाद मुआवजा देने पहुंचे बक्सर सीओ व बक्सर एसडीओ गौतम कुमार को फजीहत झेलनी पड़ी थी.
ग्रामीणों के आक्रोश से बड़े वाहनों के परिचालन पर लगी थी रोक : ग्रामीणों के विरोध के बाद इस सड़क पर भारी वाहनों के परिचालन को रोक दिया गया था. समय गुजरने के बाद भारी वाहनचालक इस फरमान को भूल गये और फिर धड़ल्ले से इस सड़क पर भारी वाहनों का परिचालन शुरू हो गया है. जर्जर सड़क के कारण लोडेड ट्रैक्टर के पलटने व गुल्ले टूटने की संभावना भी बनी रहती है.
एक हजार से ऊपर की है आबादी : पांडेयपट्टी का इलाका शहर से सटा हुआ है और बहुत बड़ा है. इस इलाके में लोग ग्रामीण क्षेत्राें से आकर जमीन खरीद कर मकान भी बना रहे हैं. फिलहाल सड़क के किनारेे लगभग पांच सौ घर बने होंगे़
नयी योजनाओं में इस सड़क को जोड़ा जायेगा : इस संबंध में ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता जय प्रकाश सिंह कहते हैं कई साल पहले यह सड़क आरइओ द्वारा बनवायी गयी थी.
सड़क जर्जर है और इसकी मरम्मत नहीं हो सकी है. नयी योजनाओं में इस सड़क को लिया जा सकेगा. हालांकि इस सड़क के इटाढ़ी छोर का जीर्णोद्धार दो साल पहले कराया गया था, जहां स्थिति ठीक है. पिछले वर्ष अक्तूबर-नवंबर में इटाढ़ी छोर की दो किलोमीटर तक की सड़क का मेंटेनेंस भी कराया गया था, जिससे उस क्षेत्र में सड़क ठीक है और कोई समस्या नहीं है.
